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टंडवा:कोयला ढुलाई में लगे हाईवे चालकों की हड़ताल जारी,पुलिस पर अवैध वसूली का आरोप,सीएम से करेंगे शिकायत

On: November 17, 2025 11:47 AM
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चतरा: टंडवा थानेदार पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए कोयला ढुलाई में लगे हजारों हाईवा मलिकों की हड़ताल जारी है। जिसके कारण एक ओर कोयला ढुलाई का काम ठप है। दूसरी ओर सरकार को रोजाना भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। जिसका असर कोल परियोजनाओं पर भी पड़ रहा है। जिसके कारण एनटीपीसी को भी कोयला संकट से जूझने की संभावना बढ़ती जा रही है। यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संकट आ सकती है।इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए रविवार को केरेडारी के चुंदरु धाम मैदान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।इस बैठक में सिमरिया, टंडवा, केरेडारी, कटकमसांडी और आम्रपाली हाइवा ओनर्स एसोसिएशन के सदस्य शामिल हुए. इस दौरान, टंडवा थाना प्रभारी के खिलाफ मुख्यमंत्री को सौंपे जाने वाले पत्र का मसौदा तैयार किया गया.

कोयला ढुलाई में लगे करीब 1500 हाइवा मालिकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 12 नवंबर से शुरू हुई हड़ताल के चलते कोयला ढुलाई पूरी तरह से ठप है।

कुछ लोगों का आरोप है कि टंडवा सिमरिया रोड के खधैया में प्रशासन द्वारा मौखिक नो इंट्री लगाने से भी कोल ट्रांसपोर्टर प्रशासन से क्षुब्ध हो गये हैं।
हाइवा मालिकों ने आरोप लगाया है कि टंडवा थाना प्रभारी रात के समय गाड़ियों को रोकते हैं और उन पर खराब लाइट, अधिक लाइट लगाने, खराब तिरपाल और स्पीड मीटर खोलकर चलाने जैसे मनगढ़ंत आरोप लगाते हैं.

इन आरोपों के बदले में वे प्रत्येक हाइवा से 5,000 से 10,000 रुपये तक की अवैध वसूली करते हैं. हाइवा मालिकों का कहना है कि वे बेवजह केस और जुर्माने से क्षुब्ध होकर इस अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए हैं.

सोमवार को इस समस्या के संबंध में सरकार को पत्र लिखा जाएगा. हड़ताल पर गए इन हाइवा की संख्या लगभग 1500 है, जो रोजाना करीब 60,000 टन कोयले की ढुलाई करते हैं.

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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