अमरावती: आंध्र प्रदेश पुलिस ने एक बड़े बहु-राज्यीय समन्वित अभियान के तहत आतंकवादी संगठनों से कथित रूप से जुड़े 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को विभिन्न राज्यों में एक साथ अंजाम दिया गया, जिससे एक व्यापक नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, इस ऑपरेशन के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था, जिन्हें बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और राजस्थान में तैनात किया गया। इन टीमों की संयुक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप कुल 12 लोगों को हिरासत में लिया गया।
आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विजयवाड़ा निवासी मोहम्मद रहमतुल्ला शरीफ, मिर्जा सोहैल बेग और मोहम्मद दानिश के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये तीनों प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े तत्वों के संपर्क में थे और कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा के प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इन आरोपियों के संबंध अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) और इस्लामिक स्टेट (ISIS) जैसे संगठनों से जुड़े विदेशी हैंडलरों से थे। बताया जा रहा है कि ये लोग उनके निर्देशों पर काम करते हुए देश-विरोधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि इन आरोपियों ने ‘अल मलिक इस्लामिक यूथ’ नाम से एक समूह बनाया था, जिसके माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित किया जा रहा था। इस समूह का उद्देश्य कथित तौर पर युवाओं को जिहाद के लिए प्रेरित करना और देशभर में अपना नेटवर्क विस्तार करना था।
काउंटर इंटेलिजेंस (CI) सेल की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सक्रिय थे। वे भड़काऊ सामग्री साझा करते थे और युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास कर रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी रहमतुल्ला एक बाइक टैक्सी चालक है, जो अंतरराष्ट्रीय आतंकी तत्वों के भाषणों से प्रभावित होकर कट्टरपंथ की ओर झुक गया। वहीं, दानिश लेजर मार्किंग का कार्य करता है और सोहैल बेग एक रेस्टोरेंट में काम करता है। तीनों मिलकर डिजिटल माध्यमों से संदिग्ध गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे।
जांच में यह भी पता चला है कि इन लोगों ने देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय अन्य संदिग्धों से संपर्क स्थापित कर रखा था और एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहे थे। ये लोग खुद को ‘मुजाहिदीन’ के रूप में प्रस्तुत करते हुए वीडियो साझा करते थे और आतंकी संगठनों के प्रचार में लगे थे।
इसके अलावा, आरोपियों पर राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान, भड़काऊ पोस्ट साझा करने और समाज में वैमनस्य फैलाने के भी आरोप लगे हैं। एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ आरोपी पाकिस्तान जाकर प्रशिक्षण लेने की योजना बना रहे थे और अन्य युवाओं को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे थे।
फिलहाल पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं, ताकि इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।














