बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पैरेंटिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक परिवार अनजाने में अपने 4 साल के मासूम बच्चे को कैब में ही छोड़कर घर चला गया। गनीमत यह रही कि समय रहते पुलिस की तत्परता से बच्चा सुरक्षित अपने माता-पिता तक पहुंच गया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर जहां एक तरफ पुलिस की जमकर तारीफ हो रही है, वहीं दूसरी ओर माता-पिता की लापरवाही को लेकर लोग नाराजगी जता रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना 14 फरवरी की रात करीब 8:26 बजे बेंगलुरु के हेन्नूर इलाके की है, जो Hennur Police Station के अंतर्गत आता है। जानकारी के अनुसार, 4 साल का बच्चा अपनी मां और अन्य परिजनों के साथ बाहर गया हुआ था। वापसी के दौरान बच्चा थककर कैब की पिछली सीट पर सो गया।
जब कैब परिवार को हेन्नूर के पोनप्पा लेआउट स्थित उनके अपार्टमेंट पर छोड़कर रुकी, तो सभी लोग गाड़ी से उतर गए। दुर्भाग्यवश, किसी का भी ध्यान इस बात पर नहीं गया कि बच्चा अब भी गाड़ी के अंदर गहरी नींद में सो रहा है। इसके बाद कैब ड्राइवर बिना किसी को बताए बच्चे को लेकर वहां से चला गया।
माता-पिता की बढ़ी धड़कनें
कुछ समय बाद जब माता-पिता को एहसास हुआ कि उनका बेटा घर में नहीं है, तो उनके होश उड़ गए। घबराहट में उन्होंने तुरंत रात 8:26 बजे कर्नाटक की इमरजेंसी हेल्पलाइन Namma 112 पर कॉल कर बच्चे के लापता होने की सूचना दी।
सूचना मिलते ही Bengaluru City Police हरकत में आ गई। महज दो मिनट के भीतर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस टीम ने तुरंत कैब का रजिस्ट्रेशन नंबर निकाला और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से उसकी लाइव लोकेशन ट्रैक कर ली।
लोकेशन मिलते ही पुलिस ने कैब ड्राइवर से संपर्क किया। ड्राइवर ने पुष्टि की कि बच्चा गाड़ी में ही मौजूद है और सो रहा है। इसके बाद पुलिस के निर्देश पर ड्राइवर बच्चे को लेकर सीधे परिवार के अपार्टमेंट वापस पहुंचा।
एक घंटे के भीतर सुरक्षित मिला बच्चा
शिकायत दर्ज होने के करीब एक घंटे के भीतर ही बच्चा पूरी तरह सुरक्षित अपने माता-पिता को सौंप दिया गया। राहत की बात यह रही कि बच्चे को किसी तरह की चोट नहीं आई थी और वह सुरक्षित था।

सोशल मीडिया पर माता-पिता की आलोचना
जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लोगों ने बेंगलुरु पुलिस की तेज़ कार्रवाई और प्रोफेशनल अप्रोच की जमकर सराहना की। वहीं, कई यूजर्स ने माता-पिता की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी चूक किसी भी हाल में माफ़ नहीं की जा सकती।
बच्चे को सुरक्षित सौंपने के बाद पुलिस ने माता-पिता की काउंसलिंग भी की। अधिकारियों ने उन्हें भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अधिक सतर्क रहने और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सख्त हिदायत दी।
यह घटना भले ही सुखद अंत के साथ खत्म हुई हो, लेकिन इसने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा में जरा सी लापरवाही भी कितनी बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती है।














