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गुमला: बाबा टांगीनाथ धाम के धरोहर अक्षय त्रिशूल के खंडित अवशेष की हुई धाम वापसी

On: June 10, 2024 12:58 PM
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डुमरी (गुमला): बाबा टांगीनाथ धाम में विकास समिति एवं ग्रामीणों के सहयोग से सोमवार को टांगीनाथ धाम के अमूल्य धरोहर अक्षय त्रिशूल के खंडित अवशेष की धाम वापसी कराई गई। इस अवसर पर सैंकड़ों शिव भक्तों के काफिले ने त्रिशूल के अवशेष को विधि विधान के साथ अपने धाम में वापसी कराई। जिसमें श्री श्री 108 कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज, स्वामी करपात्री सेवा आश्रम, मशमानों लोहरदगा के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बाबा टांगीनाथ धाम समिति के लोगों, बैगा पहान और स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा उक्त स्थल में मंदिर निर्माण हेतु भूमि पूजन किया गया।

जिसके पश्चात सभी ने मिलकर अक्षय त्रिशूल के अवशेष की पूजा अर्चना की एवं भव्य जुलूस के रूप में पूरे विधि विधान से त्रिशुल के अवशेष को बाबा टांगीनाथ धाम लाया गया। इस संबंध में समिति के उपाध्यक्ष  संजय प्रसाद साहू ने बताया की कई दशकों पूर्व टांगीनाथ धाम स्थल में खुले जगह में स्थित अक्षय त्रिशूल के एक खंडित भाग को किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा छत्तीसगढ़ के सन्ना तहसील अंतर्गत डकईपाठ के भट्ठा गांव में एक बेल पेड़ के नीचे रख दिया गया था। लगभग एक वर्ष पूर्व इसकी सूचना बाबा टांगीनाथ धाम विकास समिति को मिली थी। इसके बाद समिति के द्वारा छत्तीसगढ़ स्थित भट्ठा ग्राम के लोगों से बैठक कर इस विषय में चर्चा की गई एवं त्रिशुल के खंडित अवशेष को उनके मूल स्थान में स्थापित करने की सहमति बनाई गई।

वहीं त्रिशूल के खंडित भाग को भट्ठा गांव से टांगीनाथ ले जाने के एवज में छत्तीसगढ़ के भट्ठा गांव के उक्त स्थल में भट्ठा ग्राम के ग्रामीणों एवं बाबा टांगीनाथ धाम विकास समिति सहयोग से एक मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। वहीं बाबा टांगीनाथ धाम के मुख्य पुजारी राम कृपाल बैगा ने बताया कि वापसी के पश्चात भव्य अनुष्ठान के साथ त्रिशुल के अवशेष को बाबा टांगीनाथ धाम में पुनः स्थापित किया जाएगा। उन्होंने इस महानुष्ठान में सभी ग्रामीणों से भाग लेने और समिति द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों में तन मन व धन से सहयोग करने की अपील की है।

मौके पर प्रधान पुजारी रामकृपाल बैगा, राहुल बैगा, घुरन बैगा, धिरजा बैगा, गोविंद साय, वीरेंद्र जयसवाल, ब्रजेंद्र पांडेय, राजेश केशरी, नितेश गुप्ता (प्रिंस), नीतीश केशरी, जवाहर कवर, शत्रुधन सिंह, प्रदीप प्रसाद, दिलीप बड़ाइक, शकलदीप सिंह, जगनारायण सिंह, अरविंद सिंह सहित सैकड़ो की संख्या में  ग्रामीण उपस्थित थे।

16 व 17 जुलाई को टांगीनाथ धाम में महानुष्ठान, नहीं चढ़ेगी बकरे की बलि

11 को जलाभिषेक एवं 16 व 17 जुलाई को बाबा टांगीनाथ धाम में छत्तीसगढ़ से लाए गए त्रिशूल के अवशेष का प्रतिष्ठा एवं रुद्राभिषेक कार्यक्रम रखा गया है। साथ ही 24 घंटे का अखंड हरिकीर्तन का भी आयोजन किया जाएगा। इस आशय की जानकारी देते हुए समिति के उपाध्यक्ष संजय साहु ने कहा की 16 व 17 जुलाई को सभी भक्तगण बाबा टांगीनाथ धाम में होने वाले इस भव्य महानुष्ठान में शामिल होकर पुण्य के भागी बनें। वहीं उक्त दोनों तिथि को टांगीनाथ धाम में बकरे की बलि चढ़ाना वर्जित रहेगा। अतः भक्तगणों से अपील की है कि धाम स्थल में स्वच्छता बनाए रखें एवं माताएं बहनें पारंपरिक वेशभूषा में कार्यक्रम में शामिल हों। साथ ही 16 व 17 जुलाई को बकरे की बलि न चढ़ाएं।

Satyam Jaiswal

सत्यम जायसवाल एक भारतीय पत्रकार हैं, जो झारखंड राज्य के रांची शहर में स्थित "झारखंड वार्ता" नामक मीडिया कंपनी के मालिक हैं। उनके पास प्रबंधन, सार्वजनिक बोलचाल, और कंटेंट क्रिएशन में लगभक एक दशक का अनुभव है। उन्होंने एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न कंपनियों के लिए वीडियो प्रोड्यूसर, एडिटर, और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने झारखंड वार्ता की शुरुआत की थी। "झारखंड वार्ता" झारखंड राज्य से संबंधित समाचार और जानकारी प्रदान करती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।

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