सिल्ली :- शुक्रवार को मुरी गोला पथ चौड़ीकरण का विरोध फिर से गरमाया रामपुर के पास बनवाडीह गांव के ग्रामीण का आरोप है कि कंपनी द्वारा ग्रामीणों के जमीनों का मुआवजा भुगतान किए बिना दबंगई तरीके से सड़क का निर्माण किया जा रहा है। यही नहीं ग्रामीणों का कहना है कि कई जलाशय को मिट्टी से ढक दिए गए, कई बहुमूल्य पेड़ों को काटा गया है तथा सड़क बनाने में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। कंपनी के अधिकारियों के लापरवाही के कारण बरसात में आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पूरे सड़क को कंपनी के ठेकेदारों ने खेत में तब्दील कर दिए थे जिसके कारण कई छोटे बड़े मोटर वाहन कीचड़ में फंस गए तथा स्कूल बसों को आने जाने से रोकना पड़ा जिसके कारण बच्चों के पढ़ाई लिखाई पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ा। वही आने जाने साधनों की कमी के कारण नेचरहाट पब्लिक स्कूल समेत कई स्कूलों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लगभग एक साल से चल रही इस प्रोजेक्ट का ग्रामीणों ने शुरू से ही विरोध करते आ रहे है, कंपनी के कार्यशैली पर ग्रामीणों द्वारा हमेशा से उंगली उठाते आ रहे है। ग्रामीणों ने कई प्रकार का आरोप लगाते हुए कार्य को बंद करवाया। मौके पर प्रशासनिक अधिकारी पहुंचकर मामला को शांत करवाया। बताते चले की मुरी गोला पथ पेरेसीटेनसी ईनफाटेकचर कोलकाता के ठेकेदार गगन अग्रवाल द्वारा काम किया जा रहा है। वह अपने दबंगई के आधार पर ग्रामीणों को डरा धमका कर रोड का निर्माण जोरो से किया जा रहा है। इस संबंध में अंचलाधिकारी अरुणिमा एक्का से पूछने पर उन्होंने कहा कि पहले जो पुराना रोड है कालीकरण उसी जगह रोड निर्माण करना है कालीकरण आगे बढ़कर नहीं करना है ग्रामीणों का रयती प्लॉट है अभी भू अर्जन का प्रक्रिया चल रहा है जब तक ग्रामीणों को रयती प्लॉट का भुगतान शुरू नहीं हो जाता है तब तक काम करना गलत है।
मुरी गोला पथ चौड़ीकरण का मामला फिर से गरमाया, रैयतों ने काम बंद करवाया









