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उत्तराखंड: देहरादून में जमशेदपुर के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की हत्या, अखिलेश गैंग से था रिश्ता

On: February 13, 2026 2:21 PM
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जमशेदपुर: उत्तराखंड के देहरादून सिल्वर सिटी माल के बाहर गोलीबारी की खबर आ रही है। शुक्रवार को हुई सुबह की गोलाबारी में जमशेदपुर के रहने वाले हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा को अपराधियों ने गोली मार दी। पुलिस मामले की गैंगवार से जोड़ते हुए जांच शुरू कर दी है।विक्रम शर्मा का संबंध झारखंड के कुख्यात डॉन अखिलेश सिंह से रहा है। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने हत्या की घटना को अंजाम उसके जिम से लौटने का वक्त अंजाम दिया है। उसके पहले से ही रेकी की जारही थी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विक्रम शर्मा पहले अखिलेश सिंह का आपराधिक गुरु माना जाता था और उनकी गैंग के कई बड़े मामले में एक्टिव रहा है। समय के साथ उनके रिश्ते में खटास आई और दोनों के बीच पुराने विवाद आज भी अनसुलझे थे। यही कारण माना जा रहा है कि हत्या में गैंगवार के पहलुओं को तवज्जो दी जा रही है।
पुलिस के अनुसार, दो हमलावर पैदल ही मॉल में घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही विक्रम जिम से लौटा, हमलावरों नजदीक से ताबड़तोड़ फायरिंग की। तीन गोलियां सीधे विक्रम को लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस का अनुमान है कि हमलावरों ने लंबे समय से उसकी रेकी की थी और सही मौके का इंतजार कर रहे थे। घटना के तुरंत बाद हमलावर वहां से फरार हो गए।

गैंगवार की आशंका
देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मामले को गैंगवार से जोड़ा जा रहा है। हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम झारखंड पुलिस के साथ मिलकर मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।

विक्रम शर्मा की आपराधिक इतिहास
विक्रम शर्मा पर झारखंड में 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें 30 से अधिक हत्या के मामले भी शामिल हैं। करीब 10 साल पहले उसे झारखंड पुलिस ने गिरफ्तार किया था और लंबे समय तक जेल में रखा गया। हाल ही में वह जमानत पर बाहर आया और देहरादून में किराए के फ्लैट में रहकर अंडरग्राउंड गतिविधियों में शामिल था।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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