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झारखंड के IAS की कलंक कथा: ससुर-साली-सरहज को कर दिया मालामाल, रोज खुल रहे नए राज

On: January 22, 2026 9:39 AM
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रांची: झारखंड के निलंबित वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राज्य के पंचायती राज विभाग के मुख्य सचिव रह चुके चौबे पहले ही शराब घोटाले में गिरफ्तार हो चुके हैं और अब उनके खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच और गहरी होती जा रही है।


मंगलवार (20 जनवरी) को रांची के अशोक नगर में चौबे के करीबी रिश्तेदार की होमियोपैथिक क्लिनिक पर छापेमारी की गई। यह क्लिनिक चौबे के साले शिपिज त्रिवेदी की पत्नी प्रियंका त्रिवेदी का है। एसीबी को संदेह है कि क्लिनिक का वित्तीय लेन-देन असामान्य था और इसे शेल कंपनी के तौर पर इस्तेमाल किया गया होगा। इस दौरान जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण फाइलें, बैंक पासबुक और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए। एसीबी ने पूर्व में प्रियंका त्रिवेदी से पूछताछ की थी। पूछताछ में ही उक्त क्लिनिक के बारे में जानकारी मिली थी, जिसके बाद एसीबी ने वहां छापेमारी की है। जांच में यदि क्लिनिक से मनी ट्रेल साबित होता है, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज हो सकती है। इसके साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग के तहत संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी शुरू कर सकता है।


चौबे कभी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मुख्य सचिव और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अतिरिक्त सचिव रह चुके हैं। उनके खिलाफ मुख्य रूप से तीन बड़े आरोप हैं


झारखंड शराब घोटाला (2022) – शराब नीति में बदलाव कर छत्तीसगढ़ के शराब सिंडीकेट को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप। इससे राज्य को लगभग 129 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।


हजारीबाग जमीन घोटाला – हजारीबाग के डीसी के रूप में रहते हुए वन भूमि और सरकारी जमीन के फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से निजी हाथों में हस्तांतरण में मदद।


आय से अधिक संपत्ति – एसीबी की जांच में पाया गया कि चौबे और उनके परिवार की संपत्ति उनकी वैध आय से लगभग 53% अधिक है।


झारखंड शराब घोटाले के तार अंतरराज्यीय स्तर तक जुड़े हुए हैं। जांच में पता चला कि शराब नीति बनाने के दौरान छत्तीसगढ़ के घोटालेबाजों के साथ गुप्त बैठकें हुई थीं। इसके अलावा, तमिलनाडु के परामर्शदाता और सप्लाई चेन से जुड़े तत्व भी मामले में शामिल बताए जा रहे हैं। हाल ही में दिल्ली के रियल एस्टेट कारोबारी सरदार सुरेंद्र सिंह की गिरफ्तारी ने यह संकेत दिया कि घोटाले की रकम को शेल कंपनियों के जरिए बाहर निवेश किया गया। सरदार सुरेंद्र सिंह का नाम निलंबित आइएएस विनय कुमार चौबे की सरहज प्रियंका त्रिवेदी के डीड में सामने आया था। इसके बाद ही एसीबी ने सरदार सुरेंद्र सिंह को रांची बुलाया था और पूछताछ की। सरदार सुरेंद्र सिंह ने एसीबी को बताया कि उनका ज्योतिष एनके बेरा से पुराना संपर्क रहा है। एनके बेरा का लालपुर के मुकुंद अपार्टमेंट में एक फ्लैट था, जिसकी बिक्री के लिए उन्होंने वर्ष 2012 में सरदार सुरेंद्र सिंह को पावर आफ अटार्नी दिया था। इसी पावर के आधार पर सुरेंद्र सिंह ने उक्त फ्लैट को निलंबित आइएएस विनय कुमार चौबे की सरहज प्रियंका त्रिवेदी को वर्ष 2017 में 43 लाख रुपये में बेच दी थी। एसीबी ने इस पूरे प्रकरण में शनिवार को ज्योतिष एनके बेरा से भी पूछताछ की थी।


वर्तमान में निलंबित आईएएस विनय कुमार चौबे रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार (होटवार जेल) में बंद हैं। उन्हें शराब घोटाले में डिफॉल्ट बेल मिली थी, लेकिन जमीन घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के मामले में अभी भी सलाखों के पीछे हैं। उसमें निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के अलावा उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता, ससुर एसएन त्रिवेदी, साला शिपिज त्रिवेदी, सरहज प्रियंका त्रिवेदी, सहयोगी विनय सिंह व विनय सिंह की पत्नी स्निग्धा सिंह को आरोपित बनाया है। एसीबी को प्रारंभिक जांच में यह जानकारी मिली कि विनय कुमार चौबे व उनके सहयोगियों ने आपराधिक साजिश के तहत आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है।  विनय कुमार चौबे के भ्रष्टाचार से अर्जित काले धन को उनके सहयोगियों ने विभिन्न माध्यमों से निवेश किया। जमीन-फ्लैट खरीदी, शेल कंपनियों में निवेश किया और सहयोगियों के विभिन्न फर्म में भी उक्त राशि को सफेद बनाने की कोशिश की गई है।


एसीबी वर्तमान में चौबे और उनके करीबियों द्वारा पिछले पांच वर्षों में खरीदी गई संपत्तियों की सूची तैयार कर रही है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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