जमशेदपुर:झारखंड विधानसभा परिसर रांची के कूटे मैदान में आरटीआई कार्यकर्ता संघ केन्द्रीय समिति के तत्वाधान में एक दिवसीय धरना विभिन्न मांगो को
लेकर दिया गया और अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो झारखंड विधानसभा के नाम पर बी महतो मजिस्ट्रेट को सौंपा गया है।
इस मौके पर सभा में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय कमेटी के नेता ने कहा लोकतंत्र में आरटीआई कार्यकर्ताओं को किसी भी प्रकार की धमकी देना सरासर ग़लत है आज सूचना मांगे जाने पर सूचना नहीं देकर थमकी दी जा रही है विधानसभा में अगर आरटीआई कार्यकर्ताओं के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवाज विधायकों के द्वारा नहीं उठाया जाता है तो आरटीआई कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर न्यायालय से लेकर संसद भवन तक का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
धरना को अध्यक्ष दिल बहादुर,उपाध्यक्ष सदन कुमार ठाकुर मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष दिनेश कुमार किनू मनोज कुमार सिंह एवं अन्य सदस्यों ने भी संबोधित किया ।
जिसमें मुख्य रूप से
आर टी आई कार्यकर्ता संघ केन्द्रीय महासचिव कृतिवास मंडल, RTI कार्यकर्ता, वर्ष 2005 से लगातार सूचना के अधिकार के तहत भ्रष्टाचार का खुलासा कर रहे है जिससे कई अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है।
दिनांक 18 मई 2025 को रात 10:11 बजे मोबाइल नंबर 07903056259 ( ट्रूकॉलर के अनुसार कृष्णा कुमार)से उन्हें धमकी भरा कॉल आया, जिसमें उनकी RTI गतिविधियों को लेकर जान से मारने की धमकी दी गई। इसकी शिकायत उन्होंने 20 मई 2025 को वरीय पुलिस अधीक्षक पूर्वी सिंहभूम को दी थी। इसके बाद 14 जून 2025 को श्री फैज अहमद थाना प्रभारी परसुडीह के द्वारा FIR करने के नाम पर लिखित आवेदन लिया गया लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है । इसी तरह 23 जून 2025 को मोहम्मद तोकीर आलम DYSP लॉ एंड ऑर्डर, जमशेदपुर द्वारा पूछताछ की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इससे साफ है कि पुलिस प्रशासन आरोपी को संरक्षण दे रहा है एवं जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जो नागरिक सुरक्षा मिलनी चाहिए उसका मजाक उड़ाया जा रहा है।
इसी प्रकार जादूगोड़ा के सुनील मुर्मू को मुखिया द्वारा मोबाइल से धमकी दिया गया लेकिन पुलिस ने दोनों पक्षों पर बी एन एस एस की धारा 126 के तहत कार्रवाई कर हल्का कर दिया गया है।
इससे पूर्वी सिंहभूम ही नहीं पूरे झारखंड के आर टी आई कार्यकर्ता असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
निम्नलिखित मांग को रखा गया है
. 07903056259 ट्रूकॉलर के अनुसार कृष्णा कुमार के द्वारा RTI एक्टिविस्ट कृतिवास मंडल को धमकी देने वाले अज्ञात व्यक्ति की पहचान कर उस पर शीघ्र FIR दर्ज की जाए।
पोटका प्रखंड कार्यालय से जुड़े कर्मियों की भूमिका की जांच की जाए।
. आर टी आई कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत सुरक्षा तत्काल प्रदान की जाए।
. RTI कार्यकर्ताओं की सुरक्षा हेतु राज्य सरकार ठोस नीति बनाए।
. श्री फैज अहमद थाना प्रभारी परसुडीह व मोहम्मद तोकीर आलम DYSP लां एंड आर्डर जमशेदपुर की निष्क्रियता की जांच कर कार्रवाई की जाए।
झारखंड में लोकतंत्र को बचाने , जन सूचना अधिकार को प्रभावी बनाने एवं आर टी आई कार्यकर्ताओं के ऊपर हो रहे हमले यथा धमकी देने ,फर्जी मुकदमा करने आदि के खिलाफ ठोस नीतियां बनाया जाय।
राज्य सूचना आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग आदि संवैधानिक संस्थाओं में अविलंब रिक्त पदों पर नियुक्ति कर इसे क्रियाशील बनाया जाय ताकि लोगों के संवैधानिक एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा हो सके।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुस्ताक अहमद , दिनेश कर्मकार , छेदी कुमार ,सुनील प्रसाद, सत्येंद्र सिंह ,लक्ष्मण किस्कू,राजू बेसरा ,सुलोचना देवी, मोमिता मुखी,बबीता मुखी,ममता रविदास,सरस्वती देवी,
राजू प्रसाद, अजय मंडल ,असुष्थमा कर्मकार, सुसेन गोप, नीलकमल,विजय सिंह मुंडा, लक्ष्मण टुडू, आतिश शर्मा, सावन मुर्मू, राजू प्रसाद, चंद्रशेखर रजक, घाँसीराम हंसदा,कृष्ण मदन मोहन महतो,राहुल कुमार महाली, शंकर महतो,प्रकाश चंद्र महतो,सत्यजीत कुमार, रंजीत सिंह।