राजस्थान से लौटे विजेता पहलवानों का गढ़वा में भव्य स्वागत, युवा समाजसेवी दौलत सोनी ने दी शुभकामनाएं

---Advertisement---
गढ़वा: जयपुर (राजस्थान) में आयोजित राष्ट्रीय ट्रेडिशनल कुश्ती प्रतियोगिता फेडरेशन कप 2025 में झारखंड की महिला और पुरुष कुश्ती टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए राज्य और गढ़वा का नाम रोशन किया। 1 से 4 मई तक चले इस मुकाबले में खिलाड़ियों ने कुल 11 पदक (8 स्वर्ण, 2 रजत, 1 कांस्य) जीतकर नया इतिहास रचा।
आज सुबह जब ये खिलाड़ी गढ़वा पहुंचे, तब युवा समाजसेवी दौलत सोनी और टीम दौलत के सदस्यों ने रेलवे स्टेशन पर उनका भव्य स्वागत किया। फूल-मालाएं पहनाकर, मिठाई खिलाकर और जयघोष के साथ हर खिलाड़ी का मनोबल बढ़ाया गया।
युवा समाजसेवी दौलत सोनी ने कहा कि यह हमारे गढ़वा के लिए अत्यंत गौरव की बात है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हमारे जिले के खिलाड़ियों ने जिस आत्मविश्वास और परिश्रम से 8 स्वर्ण सहित कुल 11 पदक अर्जित किए, वह प्रेरणादायक है। छोटे भाई किशोर जी के नेतृत्व में पूरी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जितने खिलाड़ी गए, सबके हाथ में अपना-अपना पदक है। मैं इन खिलाड़ियों के माता-पिता को भी नमन करता हूँ, जिन्होंने अपने बच्चों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ाया। टीम दौलत पहले भी इन खिलाड़ियों के साथ थी, आज भी है और आगे भी हर कदम पर साथ रहेगी।
स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों में सोनम कुमारी (40 किग्रा U-15), महेक सिधानिया (45 किग्रा U-15), अनुराधा कुमारी (+70 किग्रा U-17), सोनाली कुमारी (45 किग्रा सीनियर), प्रियंका कुमारी (+70 किग्रा सीनियर), अभय कुमार (55 किग्रा U-17), गणेश कुमार यादव (60 किग्रा सीनियर) और पवन कुमार (75 किग्रा सीनियर) शामिल हैं।
रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में धीरज कुमार (65 किग्रा U-17) और नितेश कुमार (80 किग्रा सीनियर) हैं।
कांस्य पदक शिवानी कुमारी (30 किग्रा U-13) ने अपने नाम किया।
महिला टीम की प्रशिक्षक प्रियंका कुमारी और पुरुष टीम के प्रशिक्षक किशोर कुणाल रहे।
इस स्वागत समारोह में पिंटू कुमार बंगाली, विवेक सिन्हा, शुभाष गोण्ड, छोटन गोण्ड, छोटू ठाकुर, अनिमेष कुमार, पवन सोनी समेत टीम दौलत के कई सदस्य मौजूद थे।
गढ़वा रेलवे स्टेशन पर माहौल देशभक्ति, प्रेरणा और उत्सव से भर गया था। न सिर्फ खिलाड़ियों को बल्कि उनके माता-पिता को भी सम्मानित किया गया। यह केवल एक जीत नहीं, बल्कि गढ़वा की खेल संस्कृति और सामूहिक चेतना की एक बड़ी उपलब्धि है। आने वाले समय में ये खिलाड़ी न सिर्फ राज्य बल्कि देश का नाम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।