जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान से झारखंड की राजनीति में भी फिर से एक बार उथल-पुथल की जोरदार चर्चा होने लगी है। पिछले कुछ दिनों से महागठबंधन से नाता तोड़कर सीएम हेमंत सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा का भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन कर सरकार बनाने की चर्चा जोरों पर थी। इसी दरमियान सीएम हेमंत सोरेन और विधायक पत्नी कल्पना सोरेन दिल्ली में भी थी और सूत्रों का कहना है कि वे भारतीय जनता पार्टी के के एक वरिष्ठ नेता से भी मिल चुके हैं। इधर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी झारखंड दौरे पर है जिसके बाद झारखंड में फिर से एक बार ऐतिहासिक राजनीतिक घटना घटने की आशंका जताई जा रही है। जैसा कि पहले भी हो चुका है झारखंड में कुछ भी होना संभव नहीं है।
इधर दूसरी ओर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री और महागठबंधन में शामिल उमर अब्दुल्ला के एक बयान से राजनीतिक महकमें में भूचाल आ गया है।
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि ‘दिखावे का INDI गठबंधन कितना खोखला है और हम ही नितीश कुमार को INDI गठबंधन से बाहर करने के जिम्मेदार हैं। अगर कल हेमंत सोरेन भी चला जाए, तो उसकी गलती भी हमारी ही मानी जाएगी।’
ये साफ दिखाता है कि उनका पूरा ठगबंधन सिद्धांतों पर नहीं, केवल कुर्सी की लालसा पर खड़ा है।
अब्दुल्ला ने कहा कि विपक्षी इंडिया ब्लॉक इस समय “लाइफ सपोर्ट” पर है और अंदरूनी कलह और भाजपा की 24*7 चलने वाली चुनावी मशीनरी का मुकाबला करने में विफलता के कारण ICU में जाने का खतरा है।














