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UCC लागू करने का समय आ गया, सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

On: March 11, 2026 9:38 AM
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नई दिल्ली: देश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि अब देश में समान नागरिक संहिता लागू करने का समय आ गया है। अदालत मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों से जुड़े एक मामले पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरिया) एप्लीकेशन एक्ट, 1937  को चुनौती दी गई है।

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने की। अदालत ने कहा कि देश में सभी महिलाओं को समान अधिकार सुनिश्चित करने के लिए समान नागरिक संहिता एक प्रभावी रास्ता हो सकता है।

विधायिका को कानून बनाने का सुझाव

सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि अगर पर्सनल लॉ को सीधे अमान्य घोषित कर दिया जाता है तो इससे कानूनी शून्य की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में बेहतर होगा कि इस मुद्दे को विधायिका के विवेक पर छोड़ा जाए, ताकि संसद इस विषय पर व्यापक और संतुलित कानून बनाकर समान नागरिक संहिता लागू करने पर विचार कर सके।

अदालत ने यह भी कहा कि पर्सनल लॉ के कारण कई बार महिलाओं के अधिकारों को लेकर जटिलताएं पैदा होती हैं। इसलिए इस विषय पर व्यापक स्तर पर कानून बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा मामला

दरअसल, यह मामला मुस्लिम महिलाओं को समान उत्तराधिकार अधिकार देने की मांग से जुड़ी एक जनहित याचिका से संबंधित है। याचिका में कहा गया है कि मौजूदा व्यवस्था में महिलाओं को बराबरी के अधिकार नहीं मिल पाते, जिससे उनके साथ भेदभाव की स्थिति बनती है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी उदाहरण दिया कि मौजूदा व्यवस्था में कुछ परिस्थितियों में मुस्लिम पुरुष एकतरफा तलाक दे सकता है, जो समानता और न्याय के सिद्धांतों पर सवाल खड़ा करता है।

याचिका में संशोधन की अनुमति

इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने अदालत को भरोसा दिलाया कि याचिका में जरूरी संशोधन किए जाएंगे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई फिलहाल स्थगित कर दी और याचिकाकर्ता को संशोधित याचिका दाखिल करने की अनुमति दे दी।

सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद देश में एक बार फिर समान नागरिक संहिता को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस तेज होने की संभावना है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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