नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर जरूरत से ज्यादा भरोसा एक व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो गया। दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 45 वर्षीय व्यक्ति की हालत उस वक्त गंभीर हो गई जब उसने AI चैट प्लेटफॉर्म की सलाह पर खुद ही एचआईवी से बचाव की दवाएं लेना शुरू कर दिया।
AI की सलाह, बिना डॉक्टर की पर्ची खरीदी दवाएं
जानकारी के अनुसार, मरीज ने किसी डॉक्टर से परामर्श लिए बिना एक लोकल केमिस्ट से एचआईवी पोस्ट एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (PEP) की 28 दिनों की दवाएं खरीद लीं। मरीज ने बताया कि उसे AI चैट प्लेटफॉर्म से यह सलाह मिली थी कि वह एचआईवी से बचाव के लिए यह दवाएं ले सकता है।
शरीर पर रैशेज, आंखों तक पहुंचा असर
दवाओं के सेवन के कुछ ही दिनों बाद मरीज के शरीर पर तेज रैशेज उभरने लगे। शुरुआत में इसे सामान्य एलर्जी समझा गया, लेकिन धीरे-धीरे आंखों समेत शरीर के अन्य हिस्से भी प्रभावित होने लगे। हालत बिगड़ने पर मरीज को RML अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जांच में निकली दुर्लभ और खतरनाक बीमारी
अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि मरीज स्टीवंस-जॉनसन सिंड्रोम (Stevens-Johnson Syndrome) से पीड़ित है। यह एक दुर्लभ लेकिन बेहद गंभीर बीमारी है, जिसमें त्वचा और म्यूकस मेम्ब्रेन को गंभीर नुकसान पहुंचता है। डॉक्टरों के अनुसार, यह बीमारी कई बार दवाओं के गंभीर रिएक्शन के कारण होती है।
ICU में इलाज जारी
डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसे विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज दिया जा रहा है। समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी जानलेवा भी हो सकती है।
डॉक्टरों की सख्त चेतावनी
RML अस्पताल के डॉक्टरों ने इस मामले के बाद आम लोगों से अपील की है कि, AI या इंटरनेट की सलाह पर कोई भी दवा खुद से न लें। बिना डॉक्टर की सलाह दवा का सेवन खतरनाक और जानलेवा हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI केवल सामान्य जानकारी दे सकता है, लेकिन इलाज और दवाओं का निर्णय हमेशा योग्य डॉक्टर ही करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और AI के बढ़ते उपयोग के साथ इस तरह के मामले भविष्य में और बढ़ सकते हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक रहने और किसी भी तरह की दवा लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेने की सख्त जरूरत है।












