रांची: भाजपा चाहती तो ओबीसी का आरक्षण 27% आराम से हो जाता। बाबूलाल मरांडी जी ने ओबीसी का आरक्षण 27% से घटाकर 14% कर दिया था। भाजपा का समर्थन नही मिलने से अब तक 27% तक भी नहीं बढ़ाई गई है। जबकि राज्य सरकार 2 वर्षों के अंतराल में दो दफा कैबिनेट में और दो दफा विधानसभा में 27% आरक्षण बढ़ाने का पारित प्रस्ताव महामहिम राज्यपाल के पास लंबित है। जिससे नौवीं अनुसूची में डालने हेतु केंद्र सरकार को भेजना था।
उपरोक्त बातें आज राजभवन के समीप महाधरना को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने कहीं।उन्होंने। कहा की बाबूलाल मरांडी जी ने सात जिले में ओबीसी का आरक्षण शून्य कर दिया था। जो आज तक वैसा ही है। वरिष्ठ समाजसेवी योगेंद्र यादव जी (दिल्ली) राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया और अपने भाषण में कहा कि आपका मुद्दे सही हैं और जातीय जनगणना पर जोर दिया।

श्री गुप्ता ने आगे कहा कि ओबीसी समुदाय को सशक्त करने के लिए केंद्र और राज्य में अलग से एक ओबीसी स्वतंत्र मंत्रालय का गठन किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
राष्ट्रीय जन स्वराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिरेंद्र जायसवाल ने कहा कि जातीय जनगणना हो, अनुसूची जाए। और ओबीसी आरक्षण को 9वी अनुसूची में डाली जाए।
अजय मेहता ने कहा कि सात जिले में जो ओबीसी आरक्षण शून्य है वहां जनसंख्या अनुपात में आरक्षण मिले।
राष्ट्रीय ओबीसी अधिकारी कर्मचारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि ओबीसी का प्रमोशन में रिजर्वेशन मिलनी चाहिए तभी ओबीसी अधिकारी उच्च ओहदे पर पहुंच सकते है।










