जैसलमेर: राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने देश की सुरक्षा से जुड़ी एक गंभीर साजिश का पर्दाफाश करते हुए जैसलमेर जिले के पोखरण क्षेत्र से एक स्थानीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के लिए जासूसी करने और भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां सीमा पार भेजने का आरोप है।
राजस्थान पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि राज्य में सक्रिय पाकिस्तानी खुफिया नेटवर्क पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही थी। इसी क्रम में इंटेलिजेंस को सूचना मिली कि पोखरण क्षेत्र के थाना सांकड़ा अंतर्गत नेडान गांव निवासी झबराराम (28) की गतिविधियां संदिग्ध पाई जा रही हैं।
तकनीकी निगरानी और जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लगातार पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था। मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच और पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए। जांच में यह भी सामने आया कि पाकिस्तानी एजेंसियों ने आरोपी को हनीट्रैप में फंसाया और आर्थिक लाभ का लालच देकर उससे भारतीय सेना से जुड़ी रणनीतिक और गोपनीय जानकारियां हासिल की जा रही थीं।
इतना ही नहीं, आरोपी ने अपने नाम से जारी सिम कार्ड का ओटीपी पाक हैंडलर्स को साझा कर व्हाट्सएप अकाउंट एक्टिवेट करवाया, जिसका इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। यह व्हाट्सएप अकाउंट सीमा पार बैठे संचालकों द्वारा ऑपरेट किया जा रहा था। इस दौरान खुफिया जानकारियां शेयर की गई।
संदेह पुख्ता होने के बाद 25 जनवरी की रात झबराराम को जयपुर लाया गया। यहां राजस्थान पुलिस इंटेलिजेंस, मिलिट्री इंटेलिजेंस और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से उससे गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत सामने आने पर राजस्थान इंटेलिजेंस ने शुक्रवार शाम उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
एडीजी प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि आरोपी को शनिवार को जयपुर स्थित न्यायालय में पेश किया जाएगा। साथ ही सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा कहीं किसी बड़े जासूसी रैकेट की कड़ी तो नहीं जुड़ी हुई है।














