वाॅशिंगटन/तेहरान: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जहां डोनाल्ड ट्रंप की एक सख्त चेतावनी ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ती टकराव की स्थिति अब सीधे बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ती नजर आ रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए साफ कर दिया है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और सुरक्षित तरीके से नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर बड़े हमले करेगा।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि कार्रवाई की शुरुआत सबसे बड़े पावर प्लांट से की जाएगी। इस बयान से संकेत मिल रहा है कि अमेरिका अब सीधे ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की तैयारी में है।

इस अल्टीमेटम से कुछ ही घंटे पहले ईरान ने इजरायल के प्रमुख शहरों पर बड़ा मिसाइल हमला किया। हमले में डिमोना और अराद को निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। डिमोना वही शहर है, जहां इजरायल की सबसे अहम परमाणु सुविधा स्थित है, जिससे इस हमले की गंभीरता और बढ़ जाती है। ईरान ने इन हमलों को अपने नतांज परमाणु सुविधा पर हुए हमले का जवाब बताया है। नतांज में हाल ही में हुए हमले के बाद तेहरान पहले ही कड़े जवाब की चेतावनी दे चुका था।
पूरे संकट के केंद्र में होर्मुज जलडमरूमध्य आ गया है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है। दुनिया के लगभग 20 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता है
ईरान द्वारा इसे नियंत्रित किए जाने के बाद कई देशों के जहाजों की आवाजाही बाधित हो गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई है और कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।













