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वाराणसी देवघर वंदे भारत में खाना खाते रांची की महिला यात्री का मुंह सूजा,बच्चे को दस्त,IRCTC बोली!

On: April 1, 2026 1:53 PM
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रांची: पटना टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्री को परोसे गए भोजन के दही में कीड़ा मिलने के खिलाफ रेल मंत्रालय ने बड़ा एक्शन लेते हुए 60 लाख रुपया जुर्माना लगाया था और अब खबर आ रही है कि वाराणसी से देवघर जा रही वंदे भारत ट्रेन में एक महिला यात्री को ट्रेन का खाना खाते ही उसका मुंह सूज गया जबकि उसके दो वर्षीय बच्चे को दस्त होने लगी।रांची की रहने वाली आयुषी सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर पोस्ट कर अपनी आपबीती बंता करते हुए कहा कि 27 मार्च को वह ट्रेन नंबर 22500 वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच E1 में सफर कर रही थीं। उनके मुताबिक, जैसे ही उन्होंने ट्रेन में परोसा गया खाना खाया, कुछ ही देर में उनके होंठ सूज गए और शरीर में एलर्जी के लक्षण नजर आने लगे।

https://x.com/i/status/2038434134000095690

आयुषी ने अपनी सूजे हुए होंठों वाली तस्वीर और डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन भी साझा किया, जिसमें इलाज का विवरण दिया गया है। उनका कहना है कि अगर समय पर इलाज नहीं मिलता, तो उनकी हालत और गंभीर हो सकती थी।
बच्चे की भी बिगड़ी तबीयत आयुषी सिंह के अनुसार, उनके साथ सफर कर रहा उनका दो साल का बेटा भी उसी खाने की वजह से बीमार हो गया। यात्रा के दौरान ही बच्चे को दस्त शुरू हो गए, जिससे उसे काफी परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने बताया कि 24 घंटे के भीतर अस्पताल में इलाज कराने के बाद ही दोनों की हालत में सुधार हुआ।

इसके अलावा आयुषी ने ट्रेन में दिए जाने वाले पीने के पानी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक पानी का स्वाद ‘बेहद असामान्य’ था।

IRCTC की सफाई पर सवाल कायम आयुषी के पोस्ट पर IRCTC ने जवाब देते हुए कहा कि उस दिन ट्रेन नंबर 22500 के E1 कोच में परोसे गए खाने की जांच की गई थी और गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। साथ ही, किसी अन्य यात्री की ओर से ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली।

https://x.com/i/status/2038573113374568956

हालांकि, आयुषी IRCTC की इस सफाई से संतुष्ट नहीं दिखीं। उन्होंने कहा कि भले ही अन्य कोई यात्री प्रभावित न हुआ हो, लेकिन वह और उनका बेटा इस घटना से प्रभावित हुए हैं। इसके बाद IRCTC ने डायरेक्ट मैसेज के जरिए उनसे पूरी जानकारी मांगी है और मामले की जांच का भरोसा भी दिया है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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