उत्तरप्रदेश: कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के सरगांव बुजुर्ग गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ। 16 वर्षीय मोहित, जो कि 10वीं का छात्र था, अपने 75 वर्षीय बाबा संतलाल की इच्छा पूरी करने बाजरा पीसने गांव की आटा चक्की गया। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मोहित चक्की पहुंचा। वहां पहले से ही कुछ लोग मौजूद थे और चक्की चल रही थी। मोहित ने जल्दी बाजरा पीसने की इच्छा जताई और अपनी बारी का इंतजार करने लगा। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि मोहित चक्की के पास खड़ा है और चार अन्य लोग भी वहीं मौजूद हैं।
अचानक, चक्की में तेज दबाव के कारण जोरदार विस्फोट हुआ। चक्की का पत्थर, लोहे का ढक्कन फाड़ते हुए मोहित के सिर के पिछले हिस्से से टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोहित का सिर फट गया और वह वहीं गिर गया। विस्फोट के बाद चक्की में आटे का गुबार फैल गया।
धुआं छटते ही मोहित वहां नहीं दिखाई दिया। चक्की बंद करने पर लोग उसे खून से लथपथ जमीन पर पड़े हुए पाए। हादसे के समय उसके पास खड़े दो अन्य किशोर खून देख घबरा गए और मौके से भाग गए। चक्की चला रहे बुजुर्ग ने मोहित को खून बहता देखकर तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया। लोगों ने उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक मोहित की मौत हो चुकी थी।
मोहित के परिवार में इस हादसे की खबर फैलते ही कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची रूरा थाना पुलिस ने चक्की मालिक से पूछताछ की और मोहित के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
यह हादसा सुरक्षा की अनदेखी और मशीनरी के साथ सतर्कता की कमी का दुखद परिणाम है।














