इस्लामाबाद: पाकिस्तान के लाहौर शहर से सटे मुरीदके इलाके में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रमुख कमांडर की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। घटना मरकज तैयबा परिसर में उस वक्त हुई जब ईद की नमाज के बाद लोग बाहर निकल रहे थे।
जानकारी के अनुसार, मरकज तैयबा में आयोजित ईद की नमाज में संगठन के कई शीर्ष चेहरे मौजूद थे। नमाज समाप्त होने के बाद जैसे ही कमांडर बिलाल आरिफ सलाफी बाहर निकला, उस पर अचानक हमला कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक हमलावर ने पहले उस पर गोली चलाई, जबकि दूसरे हमलावर ने चाकू से ताबड़तोड़ वार किए।
हमले के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद अन्य सदस्यों ने गंभीर रूप से घायल बिलाल आरिफ सलाफी को तुरंत वाहन से अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, बिलाल आरिफ सलाफी लंबे समय से संगठन से जुड़ा हुआ था और उसकी मुख्य भूमिका फंडिंग जुटाने की थी। बताया जाता है कि वह वर्ष 2005 से संगठन के लिए सक्रिय था और आर्थिक नेटवर्क संभालता था।
बताया जा रहा है कि वह मुरीदके की तैयबा कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहता था, जहां संगठन के कई अन्य सदस्य भी निवास करते हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और हमलावरों की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
फिलहाल इस हमले के पीछे की साजिश और हमलावरों की पहचान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।













