बेंगलुरु: कर्नाटक लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए गुरुवार (29 जनवरी) को बेंगलुरु पुलिस के एक इंस्पेक्टर को 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी इंस्पेक्टर की पहचान केपी अग्रहारा पुलिस थाना में पदस्थापित गोविन्दराजू के रूप में हुई है।
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक बिल्डर की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता मोहम्मद अकबर ने आरोप लगाया था कि इंस्पेक्टर गोविन्दराजू ने एक आपराधिक मामले में मदद करने के बदले उससे 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत में बताया गया कि इंस्पेक्टर ने अकबर को चामराजपेट स्थित सेंट्रल आर्म्ड रिजर्व (CAR) ग्राउंड में पैसे लेकर आने को कहा था।
पहले भी ली गई थी रिश्वत
शिकायतकर्ता के अनुसार, 24 जनवरी को सिरसी सर्कल के पास हुई एक मुलाकात के दौरान वह पहले ही 1 लाख रुपये दे चुका था। इसके बावजूद इंस्पेक्टर लगातार शेष 4 लाख रुपये देने का दबाव बना रहा था। इससे परेशान होकर बिल्डर ने लोकायुक्त से संपर्क किया।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने पूरी योजना बनाकर जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी इंस्पेक्टर ने तय स्थान पर 4 लाख रुपये स्वीकार किए, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
जबरन वसूली के पुराने आरोप भी सामने आए
शिकायतकर्ता मोहम्मद अकबर ने यह भी दावा किया कि गोविन्दराजू पहले भी जबरन वसूली जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है। अकबर के अनुसार, 2025 के अंत में इंस्पेक्टर ने अपने कुछ दोस्तों से जुड़े एक अन्य विवाद के मामले में उससे करीब 6 लाख रुपये की वसूली की थी।
सबूत के तौर पर पेनड्राइव सौंपा
अपने आरोपों को मजबूत करने के लिए बिल्डर ने लोकायुक्त अधिकारियों को एक पेनड्राइव भी सौंपी है। बताया जा रहा है कि इसमें ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद हैं, जिनमें इंस्पेक्टर कथित तौर पर रिश्वत की मांग करते हुए सुनाई दे रहा है। लोकायुक्त टीम इन डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
एफआईआर दर्ज, जांच जारी
लोकायुक्त अधिकारियों ने आरोपी इंस्पेक्टर को हिरासत में लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और यदि अन्य लोग भी इसमें संलिप्त पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।














