झारखंड वार्ता संवाददाता
रांची/गढ़वा: गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के रंका प्रखंड के बिश्रामपुर एवं रमकांड प्रखंड के बालीगढ़ पंचायत के ग्रामीणों के साथ मंडल डैम के विस्थापित परिवारों ने मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से मुलाकात कर अपनी समस्याओं को रखा और न्याय की मांग की। यह प्रतिनिधिमंडल गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के नेतृत्व में रांची पहुंचा था।
ग्रामीणों ने बताया कि जिन स्थानों पर विस्थापितों को बसाने की तैयारी की जा रही है, वहां आसपास के करीब 20 गांवों के लोग जंगल पर निर्भर हैं। लोग महुआ, जड़ी-बूटी, पत्तल-दोना आदि के सहारे जीवन यापन करते हैं। ऐसे में वहां विस्थापितों को बसाने से हजारों आदिवासी परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
बिश्रामपुर-बालीगढ़ के ग्रामीणों ने मांग की कि विस्थापितों को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर बसाया जाए, ताकि स्थानीय लोगों की आजीविका प्रभावित न हो। वहीं मंडल डैम के विस्थापित परिवारों ने भी बाबूलाल मरांडी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि वे शहीद नीलांबर-पीतांबर के वंशज हैं और जिस भूमि पर डैम का निर्माण हो रहा है, वह ऐतिहासिक एवं भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई है।
विस्थापितों ने बताया कि वर्तमान में वे पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में रहते हैं और पेसा कानून के तहत उनके विशेष अधिकार सुरक्षित हैं, लेकिन जहां उन्हें बसाने की योजना है, वह सामान्य पंचायत क्षेत्र है। वहां बसाए जाने से उनके अधिकारों का हनन होगा। उन्होंने जबरन विस्थापन का विरोध करते हुए न्याय की मांग की।
इस दौरान ग्रामीणों ने झारखंड सरकार पर आदिवासियों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।
मंडल डैम विस्थापन को लेकर ग्रामीणों ने बाबूलाल मरांडी से की मुलाकात, सरकार पर लगाया अन्याय का आरोप










