---Advertisement---

Watch: रील की सनक में सैकड़ों जानों से खिलवाड़, वंदे भारत एक्सप्रेस को रोकने के लिए ट्रैक पर रखे लकड़ी के लट्ठे

On: January 24, 2026 1:11 PM
---Advertisement---

Viral Video: सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह अब खतरनाक मोड़ लेती जा रही है। वंदे भारत एक्सप्रेस से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कुछ युवकों ने महज़ वीडियो बनाने के लिए हाई-स्पीड ट्रेन के रेलवे ट्रैक पर लकड़ियों के बड़े-बड़े लट्ठे रख दिए। इस लापरवाही के चलते वंदे भारत एक्सप्रेस को बीच रास्ते में आपात ब्रेक लगाकर रोकना पड़ा। अगर ट्रेन समय रहते नहीं रुकती, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था और सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी।


वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सुनसान इलाके में कुछ युवक रेलवे ट्रैक पर लकड़ी के लट्ठे रखते हैं। कैमरा ऑन रहता है और युवक हंसते-मुस्कुराते हुए कहते हैं, वंदे भारत रुकवा दिए। वीडियो के अगले हिस्से में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रैक पर रुकी हुई दिखाई देती है।


ट्रेन के रुकते ही उसमें मौजूद एक पुलिस कॉन्स्टेबल युवकों से पूछताछ करता है। शुरुआत में उसे लगता है कि युवक ट्रेन में घुसने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जब उनसे कारण पूछा जाता है तो युवक बेपरवाही से जवाब देते हैं कि वे ट्रेन में चढ़ने नहीं आए थे, बल्कि सिर्फ वीडियो शूट कर रहे थे। यह जवाब सुनकर न सिर्फ पुलिसकर्मी बल्कि आम लोग भी हैरान रह गए कि महज एक रील के लिए इतनी बड़ी लापरवाही कैसे की जा सकती है।


यह वीडियो जैसे ही X (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर हुआ, तेजी से वायरल हो गया। सोशल मीडिया यूजर्स ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई और रेलवे अधिकारियों के साथ-साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग कर सख्त कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में कड़ी सजा जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।


रेलवे कानून के अनुसार यह बेहद गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। रेलवे एक्ट 1989 की धारा 150 के तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ट्रेन के रास्ते में बाधा डालता है। जैसे पत्थर, लकड़ी या कोई अन्य वस्तु रखना, तो उसे उम्रकैद या 10 साल तक की सजा हो सकती है। इतना ही नहीं, पहली बार अपराध करने पर भी कम से कम 3 साल की जेल का प्रावधान है।


इसके अलावा धारा 174 के तहत जानबूझकर ट्रेन रोकने पर 2 साल तक की सजा और जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत रूप से घुसना भी कानूनन अपराध है, जिसमें 6 महीने तक की जेल का प्रावधान मौजूद है।


यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज को भी आईना दिखाती है कि सोशल मीडिया की दीवानगी किस हद तक खतरनाक हो चुकी है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

क्रोमा का समर सेल शुरू, एक और प्रीमियम टीवी पर 71% तक की भारी छूट

धोनी ने अपनी मर्जी से नहीं छोड़ी थी कप्तानी, पूर्व चयनकर्ता का बड़ा खुलासा

पूर्व भाजपाई विकास का ऐलान,पूर्व मंत्री बन्ना की पत्नी सुधा व सरयू राय समर्थित प्रत्याशी संध्या सिंह का करेंगे खुलेआम विरोध

जुगसलाई नगर परिषद चुनाव:मेरी पारिवारिक विरासत जनसेवा,जनता की छोटी से छोटी समस्या का समाधान मेरा लक्ष्य: रिंकू सिंह

जमशेदपुर:भारती ग्रुप शिक्षा संस्थान का काशीडीह,गोलकटा में मातृ – पितृ पूजन सह वार्षिकोत्सव हर्षोल्लास संग संपन्न

जुगसलाई नगर परिषद चुनाव,मारवाड़ी समाज की वार्ड संख्या 12 से प्रत्याशी दीपक अग्रवाल रामुका को जीताने की अपील