बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से महिला उत्पीड़न का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां एक नवविवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करने के साथ-साथ हलाला जैसी अमानवीय शर्त थोपने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति समेत चार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला बांदा जिले के मटौंध थाना क्षेत्र का है। पीड़ित युवती ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसका निकाह जून 2025 में हुआ था। शादी के समय उसके पिता ने अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार दहेज में सभी आवश्यक सामान दिया था। लेकिन निकाह के बाद जब वह विदा होकर ससुराल पहुंची, तो पति और ससुराल के अन्य लोग दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे।
पीड़िता का आरोप है कि दहेज कम होने का ताना देकर उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ना दी गई। कई बार उसे भूखा रखा गया और घरेलू हिंसा का शिकार बनाया गया। महिला का कहना है कि परिवार बचाने की उम्मीद में वह लंबे समय तक यह सब सहती रही और चुप रही।
पीड़िता के अनुसार, जब उत्पीड़न बढ़ा तो कई बार पुलिस की मदद से समझौते भी कराए गए, लेकिन ससुराल पक्ष के व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ। दिसंबर 2025 में हालात तब और बिगड़ गए जब ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट कर उसे घर से बाहर निकाल दिया।
महिला का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उससे साफ शब्दों में कहा कि अगर दोबारा घर में रहना है तो अपने मायके से दो लाख रुपये नकद और एक हीरो होंडा बाइक लेकर आओ। इतना ही नहीं, आरोपियों ने उसे तलाक देने की बात कहते हुए यह भी शर्त रखी कि अब उसे तभी वापस रखा जाएगा, जब वह हलाला कराकर आएगी। इस दौरान उसके साथ गाली-गलौज और धमकी भी दी गई।
घटना से मानसिक रूप से टूट चुकी पीड़िता ने आखिरकार पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला के पति सहित चार लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, धमकी और अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मटौंध थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पीड़िता के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर समाज में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार और दहेज जैसी कुप्रथा की भयावह तस्वीर पेश करता है।














