कुरनूल: आंध्र प्रदेश के कुरनूल शहर से बदले और नफरत की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। एक महिला ने अपने पुराने प्रेम संबंध का बदला लेने के लिए एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर (महिला डॉक्टर) को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। आरोप है कि महिला ने पीड़िता को HIV संक्रमित खून का इंजेक्शन लगाकर जानलेवा हमला किया।
इस मामले में पुलिस ने शनिवार को मुख्य आरोपी महिला बी. बोया वसुंधरा (34), उसकी सहेली ज्योति (नर्स) और नर्स के दो नाबालिग बेटों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरी वारदात एक पुराने प्रेम संबंध और उससे उपजी गहरी नफरत का नतीजा थी।
पुराने प्रेम संबंध से शुरू हुई नफरत
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी वसुंधरा का पीड़ित डॉक्टर के पति के साथ पहले प्रेम संबंध था। बाद में उस व्यक्ति ने वसुंधरा से संबंध तोड़कर दूसरी महिला से शादी कर ली, जो अब पीड़िता हैं और पेशे से डॉक्टर हैं। यह बात वसुंधरा को स्वीकार नहीं हुई और तभी से वह बदले की आग में जल रही थी।
नर्स सहेली के साथ मिलकर रची साजिश
बदला लेने के लिए वसुंधरा ने अपनी सहेली ज्योति, जो पेशे से नर्स है, को साजिश में शामिल किया। आरोप है कि नर्स ज्योति ने कुरनूल के सरकारी अस्पताल के स्टाफ को गुमराह करते हुए यह दावा किया कि उसे रिसर्च के उद्देश्य से HIV संक्रमित खून का सैंपल चाहिए। इसी बहाने उसने HIV संक्रमित खून का सैंपल हासिल किया और उसे वसुंधरा के घर के फ्रिज में स्टोर कर दिया गया।
सड़क पर रची गई खौफनाक वारदात
घटना 9 जनवरी की है। जब पीड़ित डॉक्टर ड्यूटी खत्म कर स्कूटी से घर लौट रही थीं, तभी आरोपियों ने उनकी स्कूटी में जानबूझकर टक्कर मार दी। मदद का नाटक करते हुए वसुंधरा उनके पास पहुंची और अचानक संक्रमित सुई चुभो दी। जब पीड़िता ने शोर मचाया तो आरोपी मौके से फरार हो गए।
हालांकि घायल होने के बावजूद डॉक्टर ने सूझबूझ दिखाते हुए हमलावरों की मोटरसाइकिल का नंबर नोट कर लिया। इसी अहम सुराग के आधार पर पुलिस नर्स के दोनों नाबालिग बेटों तक पहुंची, जिन्होंने वारदात में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
समय पर इलाज से बची जान
पीड़िता खुद डॉक्टर होने के कारण तुरंत खतरे को समझ गईं और तत्काल उपचार शुरू कराया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को स्थिर बताया है। उन्हें तीन सप्ताह बाद दोबारा जांच के लिए बुलाया गया है, क्योंकि यह वायरस के म्यूटेशन का संवेदनशील समय होता है।
पति की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
पीड़िता के डॉक्टर पति ने 10 जनवरी को कुरनूल टाउन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 126(2), 118(1) और 272 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान साजिश की परतें खुलती चली गईं और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि सरकारी अस्पताल से HIV संक्रमित खून हासिल करने में और कौन-कौन लोग लापरवाही या साजिश में शामिल थे।












