
नई दिल्ली: FASTag इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों के लिए सरकार ने बड़ी सुविधा शुरू की है। अब अगर कोई ग्राहक अपने FASTag का जारीकर्ता बैंक बदलना चाहता है, तो उसे वाहन पर लगा FASTag स्टिकर हटाकर नया स्टिकर लगाने की जरूरत नहीं होगी। OneTag पोर्टेबिलिटी सिस्टम के जरिए FASTag को एक सहभागी बैंक से दूसरे बैंक में ट्रांसफर किया जा सकेगा।
नई व्यवस्था में वाहन पर लगा मौजूदा RFID आधारित FASTag स्टिकर पहले की तरह ही काम करता रहेगा। बैंक बदलने के बावजूद FASTag ID और वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर भी वही रहेगा। यानी यह प्रक्रिया काफी हद तक मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी जैसी होगी, जिसमें नंबर बदले बिना टेलीकॉम कंपनी बदली जा सकती है।
मुंबई में शुरू हुआ OneTag सिस्टम
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में OneTag पोर्टेबिलिटी सिस्टम की शुरुआत की। इस सुविधा को इंडियन हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है।
इस व्यवस्था का मकसद FASTag बैंक बदलने की प्रक्रिया को आसान और पूरी तरह डिजिटल बनाना है। अभी बैंक बदलने की स्थिति में ग्राहकों को पुराने FASTag अकाउंट से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के साथ नया FASTag लेने और उसे वाहन पर लगाने की जरूरत पड़ सकती है। OneTag इस परेशानी को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम है।
FASTag बैंक बदलने पर क्या बदलेगा और क्या नहीं?
OneTag के तहत ग्राहक का FASTag स्टिकर नहीं बदलेगा। वाहन पर लगा मौजूदा स्टिकर ही इस्तेमाल होता रहेगा। वहीं FASTag से संबंधित बैंकिंग सेवा नए बैंक के पास ट्रांसफर हो जाएगी।
यानी FASTag का भौतिक स्टिकर वही रहेगा। FASTag ID नहीं बदलेगी। वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर वही रहेगा, केवल FASTag जारी करने वाला बैंक बदलेगा। टोल भुगतान की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी।
Rajmargyatra ऐप से होगा FASTag पोर्ट
FASTag पोर्टेबिलिटी की सुविधा NHAI के Rajmargyatra मोबाइल ऐप के जरिए उपलब्ध होगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से पूरी करने की व्यवस्था की गई है।
ऐसे करें FASTag को दूसरे बैंक में पोर्ट
1. Rajmargyatra ऐप खोलें: सबसे पहले NHAI के Rajmargyatra मोबाइल ऐप पर जाएं और OneTag पोर्टेबिलिटी का विकल्प चुनें।
2. FASTag और वाहन की जानकारी दें: मौजूदा FASTag और वाहन से संबंधित जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद सिस्टम यह जांच करेगा कि संबंधित FASTag पोर्टेबिलिटी के लिए पात्र है या नहीं।
3. मौजूदा बैंक से सहमति लें: पात्रता की पुष्टि होने के बाद ग्राहक को मौजूदा बैंक से FASTag को दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने की सहमति देनी होगी।
4. नया बैंक चुनें: इसके बाद OneTag व्यवस्था में शामिल सहभागी बैंकों की सूची में से ग्राहक अपनी पसंद का नया बैंक चुन सकेगा।
5. नए बैंक का सत्यापन पूरा होगा: चुने गए बैंक की ओर से आवश्यक ऑनबोर्डिंग और ग्राहक सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
6. FASTag नए बैंक से लिंक होगा: प्रक्रिया पूरी होने के बाद FASTag नए बैंक से लिंक हो जाएगा। हालांकि, वाहन पर लगा मौजूदा FASTag स्टिकर नहीं बदलेगा।
टोल प्लाजा पर भुगतान कैसे होगा?
बैंक बदलने के बाद भी वाहन चालक को टोल प्लाजा पर किसी अतिरिक्त प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। OneTag प्रक्रिया पूरी होने के बाद NPCI के NETC नेटवर्क पर नए जारीकर्ता बैंक की जानकारी अपडेट की जाएगी। इसके बाद FASTag के जरिए टोल भुगतान पहले की तरह ऑटोमैटिक तरीके से होता रहेगा।
बैंक बदलने के लिए नहीं लेना होगा नया FASTag
OneTag की सबसे बड़ी खासियत यही है कि बैंक बदलने के लिए वाहन चालक को नया FASTag स्टिकर लेने की जरूरत नहीं होगी। इससे नया स्टिकर खरीदने, पुराने स्टिकर को हटाने और वाहन की विंडस्क्रीन पर नया टैग लगाने की परेशानी कम होगी।
सरकार की यह पहल FASTag व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक और ग्राहक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। खासतौर पर उन वाहन मालिकों के लिए यह सुविधा उपयोगी होगी, जो बेहतर सेवा, ऑफर या अन्य कारणों से FASTag जारीकर्ता बैंक बदलना चाहते हैं।







