
चांडिल, लुपुंगडीह : नारायण प्राइवेट आईटीआई, लुपुंगडीह, चांडिल में भारतीय पुनर्जागरण के अग्रदूत एवं आधुनिक भारत के जनक राजा राममोहन राय की पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत राजा राममोहन राय के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने उनके महान व्यक्तित्व एवं समाज सुधार के लिए किए गए कार्यों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक डॉ. जटाशंकर पांडे जी ने राजा राममोहन राय के जीवन, विचारों एवं सामाजिक सुधार के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राजा राममोहन राय ने ऐसे समय में समाज सुधार की अलख जगाई, जब भारतीय समाज अनेक सामाजिक कुरीतियों एवं रूढ़िवादी परंपराओं से जूझ रहा था।
डॉ. पांडे ने कहा कि राजा राममोहन राय ने सती प्रथा जैसी कुप्रथा के विरुद्ध निर्णायक संघर्ष किया तथा महिलाओं के सम्मान, अधिकार एवं शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए।
उन्होंने आधुनिक शिक्षा और तार्किक सोच को बढ़ावा देने के साथ समाज में जागरूकता पैदा करने का कार्य किया। उनके प्रयासों ने भारतीय समाज में एक नई चेतना और सामाजिक परिवर्तन की नींव रखी।
उन्होंने कहा कि राजा राममोहन राय केवल एक समाज सुधारक ही नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महान व्यक्तित्व थे। उनके विचार आज भी समाज को शिक्षा, समानता, महिला सम्मान, सामाजिक न्याय और कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता का संदेश देते हैं। वर्तमान पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के प्रशिक्षुओं को राजा राममोहन राय के जीवन एवं उनके योगदान के बारे में जानकारी दी गई तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राजा राममोहन राय के प्रति श्रद्धांजलि एवं उनके आदर्शों को स्मरण करते हुए किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद रहे प्राचार्य जयदीप पांडे, शांति राम महतो, पवन महतो, देवाशीष मंडल, प्रकाश महतो, भगत लाल तेली, अजय मंडल, गौरव महतो ,आदि कार्यकम में उपस्थित रहे।





