
जमशेदपुर:भाजपा के वरिष्ठ नेता अमरप्रीत सिंह काले के बड़े भाई सरदार त्रिलोचन सिंह खनूजा (पम्मी पाजी) की आत्मा की शांति और सद्गति के लिए आयोजित श्री अखंड पाठ साहिब का समापन (भोग) और अंतिम अरदास श्रद्धा एवं सम्मान के साथ साकची गुरुद्वारा साहिब, जमशेदपुर में संपन्न हुई।
अखंड पाठ साहिब: 15 सितंबर को साकची गुरुद्वारा में श्री अखंड पाठ साहिब का आरंभ किया गया था। 18 सितंबर को पाठ की समाप्ति (भोग) हुई।
कीर्तन गायन: इस अवसर पर रागी जत्था (निकु जी) के सुमधुर एवं भावपूर्ण शबद गायन ने उपस्थित सभी संगत का मन मोह लिया और वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
अंतिम अरदास एवं श्रद्धांजलि: कीर्तन के उपरांत विशेष अरदास की गई, जिसमें दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे प्रमुख व्यक्तित्व एवं उनके विचार:
राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र के कई दिग्गज, सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता एवं गणमान्य लोग शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने और श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे:
राजनीतिक प्रतिनिधि: पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व सांसद दीपक प्रकाश, दिनेश आनंद गोस्वामी, विधायक मंगल कालिंदी, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर, धनबाद के सांसद/विधायक ढुल्लू महतो और कांग्रेस नेता अजय सिंह।
अर्जुन मुंडा: श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा, “इंसान अपना आभूषण, कपड़ा, पैसा यहीं छोड़कर चला जाता है। जैसे वह नग्न आया था, वैसे ही जाता है; केवल उसके अच्छे कर्म और उसका स्वभाव ही उसके साथ जाता है।”
दीपक प्रकाश: रांची के पूर्व सांसद दीपक प्रकाश ने अपनी ओर से श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि त्रिलोचन सिंह बहुत ही अच्छे स्वभाव के धनी थे।
धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाएं: सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (CGPC) के चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह, CGPC के प्रधान भगवान सिंह अपनी कार्यकारिणी टीम के साथ, गुरमीत सिंह तोते, साकची गुरुद्वारा के अध्यक्ष निशान सिंह, तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के सचिव इंद्रजीत सिंह, तथा जमशेदपुर एवं टाटा की तमाम गुरुद्वारा कमेटियों के प्रतिनिधि व पदाधिकारी।
इंद्रजीत सिंह: तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के सचिव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि गुरबानी में स्पष्ट लिखा है—मृत्यु अटल है, जो आया है उसे एक दिन जाना ही है।
भगवान सिंह एवं सरदार शैलेंद्र सिंह: CGPC के प्रधान भगवान सिंह और चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह ने कहा, “आज संगत का इतना बड़ा जमावड़ा अपने आप में गवाह है कि खनूजा परिवार का समाज में क्या योगदान रहा है। सिख समाज ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लिए यह परिवार हमेशा तन-मन-धन के साथ सेवा करता आया है।”
भावुक क्षण और आभार व्यक्त:
अंत में, अमरप्रीत सिंह काले ने उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया। अपने बड़े भाई त्रिलोचन सिंह के बारे में बोलते-बोलते उनकी आंखें नम हो गईं और आंखों से आंसुओं की धारा बहने लगी। भावुक होते हुए काले ने अंतिम अरदास में शामिल होने आई समस्त संगत, गणमान्य व्यक्तियों और धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों का इस दुख की घड़ी में साथ देने के लिए धन्यवाद व आभार जताया।
तत्पश्चात साकची गुरुद्वारा साहिब में संगत के लिए गुरु का लंगर आयोजित किया गया।





