रांची: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के आलोक में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 का शुभारंभ आज समाहरणालय परिसर से किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग को बढ़ावा देना, ओवर स्पीडिंग एवं नशे में वाहन चलाने जैसी खतरनाक प्रवृत्तियों से लोगों को दूर रखना है। जागरूकता रथ जिले के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों, स्कूलों, कॉलेजों और बाजार क्षेत्रों में भ्रमण कर सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण संदेशों का प्रचार-प्रसार करेगा।
‘सीख से सुरक्षा’ है राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का थीम
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 की थीम ‘सीख से सुरक्षा’ रखी गई है। इस थीम के तहत नागरिकों को यातायात नियमों की सही शिक्षा देकर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएँ आज जीवन एवं संपत्ति की क्षति का बड़ा कारण बन चुकी हैं, ऐसे में नियमों की जानकारी और उनका पालन ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक रांची श्री राकेश सिंह, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) श्री राजेश्वर नाथ आलोक, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री अखिलेश कुमार सहित सड़क सुरक्षा से जुड़े कई अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।
सड़क सुरक्षा में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक श्री राकेश सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त कोशिश से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े
वर्ष 2024
कुल दुर्घटनाएं : 746
कुल मौतें : 550
कुल घायल : 465
वर्ष 2025 (नवंबर 2025 तक)
कुल दुर्घटनाएं : 747
कुल मौतें : 504
कुल घायल : 486
इन आंकड़ों को देखते हुए सड़क सुरक्षा माह की अहमियत और बढ़ जाती है।
1 से 31 जनवरी 2026 तक होंगे विविध कार्यक्रम
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के दौरान रांची जिले में कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रमुख हैं:
• जागरूकता रथ (LED वैन) के माध्यम से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार
• सड़क सुरक्षा चौपाल के जरिए लोगों को यातायात नियमों की जानकारी
• ‘सावधानी की पाठशाला’ के तहत स्कूलों व कॉलेजों में विद्यार्थियों को ट्रैफिक नियमों की शिक्षा
• ‘रोड ऑफ सेफ्टी’ अभियान, जिसमें नियम पालन करने वालों को सम्मानित करना और उल्लंघन करने वालों को गांधीगिरी से समझाना
• हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन
• वाहन चालकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
• प्रभात फेरी के माध्यम से जन-जागरूकता
• नुक्कड़ नाटक के जरिए सड़क सुरक्षा संदेश
• खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से सड़क सुरक्षा पर जागरूकता
जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम इस पूरे अभियान को सफल बनाने में जुटी हुई है। प्रशासन का मानना है कि यदि समाज का हर वर्ग जागरूक हो और नियमों का पालन करे, तो सड़क दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी लाई जा सकती है।














