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नई दिल्ली:राजधानी का ऐतिहासिक रामलीला मैदान एक बार फिर सियासी हलचलों का केंद्र बना, जहां विपक्षी गठबंधन ‘आईएनडीआईए’ (INDIA) ने महारैली के जरिए शक्ति प्रदर्शन की कोशिश की। हालांकि, इस पूरे आयोजन के दौरान मंच से दिए गए सियासी संदेशों से ज्यादा चर्चा मैदान में जुटी भीड़ और किए गए दावों के अंतर को लेकर रही।
दावों और क्षमता का गणित
आयोजन से पूर्व कांग्रेस और सहयोगी दलों की ओर से 10 लाख समर्थकों के जुटने का दावा किया गया था। प्रशासनिक और तकनीकी पैमानों के अनुसार, लगभग 10 से 12 एकड़ में फैले रामलीला मैदान की कुल समावेशन क्षमता करीब 50 हजार लोगों की आंकी जाती है। ऐसे में 10 लाख का आंकड़ा जमीनी तौर पर किस आधार पर तय किया गया था, यह सवाल दिनभर चर्चा में रहा।
मैदान के भीतर और बाहर की स्थिति
रैली के मुख्य वक्ता राहुल गांधी जब संबोधन के लिए मंच पर पहुंचे, तब मैदान के भीतर कई हिस्सों में खाली कुर्सियां साफ नजर आईं। जानकारों के आकलन के मुताबिक:
मैदान के भीतर: करीब 30 से 35 हजार लोग उपस्थित रहे।
मैदान के बाहर और आसपास: लगभग 25 से 30 हजार समर्थकों की मौजूदगी का अनुमान लगाया गया।
कुल उपस्थिति: सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, अंदर और बाहर मिलाकर कुल संख्या लगभग 60 से 70 हजार के बीच सीमित रही।
यह आंकड़ा तब सामने आया जब हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों से कार्यकर्ताओं को दिल्ली लाने के लिए पूरा संगठनात्मक तंत्र सक्रिय किया गया था।
सोशल मीडिया और तकनीकी आकलन
आयोजन के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर मैदान के एरियल फुटेज तेजी से साझा किए जाने लगे। इसी दौरान एक यूजर ने एआई टूल ‘ग्रोक’ के जरिए भीड़ का आकलन मांगा, जिसके जवाब में मैदान की अधिकतम क्षमता (50 हजार) का हवाला देते हुए उपस्थित संख्या को उससे भी कम आंका गया। इसके बाद डिजिटल मंचों पर ‘हाजिरी बनाम दावा’ को लेकर बहस और तेज हो गई।
सियासी वार-पलटवार
रैली में जुटी इस संख्या को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखा तंज कसा। सत्तापक्ष की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि विपक्षी दलों का यह शक्ति प्रदर्शन पूरी तरह ‘फ्लॉप’ साबित हुआ है और जनता ने उनके उठाए मुद्दों को सिरे से नकार दिया है। दूसरी ओर, गठबंधन के रणनीतिकारों का कहना है कि संख्या से अधिक महत्वपूर्ण जनता के बीच जाने वाला एकजुटता का संदेश है।






