---Advertisement---
On: October 3, 2025 7:17 PM
---Advertisement---

पापांकुश एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित,पापों का नाश , सभी मनोकामनाएं पूर्ण करने सुख समृद्धि के लिए करें ये उपाय

इसका नाम ‘पापांकुश’ इसका अर्थ है कि यह सभी पापों का नाश कर पुण्य फल प्रदान करता है।इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ-साथ कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाने की परंपरा भी है। ऐसा करने से भगवान नारायण प्रसन्न होते हैं और जीवन की कठिनाइयों का समाधान होता है।

यह व्रत अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस बार पापांकुशा एकादशी का व्रत 03 अक्टूबरको मनाया जा रहा है।

इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने और मंत्रों का जाप करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

चलिए जानते हैं इस दिन मान्यताओं के अनुसार क्या करना आपके लिए बहुत फलदाई होगा

पापांकुश एकादशी के दिन घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह दीपक घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है।

तुलसी का पौधा

तुलसी जी को भगवान विष्णु की प्रिय मानी जाती हैं। एकादशी के दिन तुलसी के पौधे के पास गाय के घी का दीपक जलाने से अक्षय फल प्राप्त होते हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

मंदिर में दीपक

इस दिन घर के पूजा स्थल या मंदिर में दीपक जलाना आवश्यक है। यह दीपक भगवान विष्णु के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है और इसे पूरी रात जलाए रखने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

पीपल का पेड़

शास्त्रों के अनुसार, पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। यदि आपके पास कोई पीपल का पेड़ है, तो एकादशी की शाम को उसके नीचे दीपक जलाना चाहिए। इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और आर्थिक संकट समाप्त होते हैं।

रसोई घर में दीपक

रसोई घर को मां अन्नपूर्णा का निवास माना जाता है। एकादशी के दिन रसोई में दीपक जलाने से घर में अन्न और धन की कमी नहीं होती और संपन्नता बनी रहती है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें