
झारखंड वार्ता
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा):- डॉ राम मनोहर लोहिया चेतना मंच के तत्वाधान में सोमवार को भवनाथपुर मोड़ स्थित डॉ राम मनोहर लोहिया के प्रतिमा के निकट लोहिया जी की 59वीं पुण्यतिथि मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ लोहिया चेतना मंच के अध्यक्ष कमलेश बिहारी, कोषाध्यक्ष सह पूर्व शिक्षक सीताराम जायसवाल, सचिन सत्येंद्र ठाकुर, वरिष्ठ समाजसेवी विजय कुमार सिंह आदि ने संयुक्त रूप से डॉ लोहिया के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आवाह्न किया।
इस अवसर पर लोहिया चेतना मंच के अध्यक्ष कमलेश बिहारी ने प्रखर समाजवादी डॉ. लोहिया को याद करते हुए कहा कि डॉ. लोहिया के विचारों से ही परिवर्तन होगा। डॉ लोहिया भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी प्रखर समाजवादी एवं राजनीतिक चिंतक थे। उनका जन्म 23 मार्च 1910 को अकबरपुर के फैजाबाद में हुआ था तथा उनकी मृत्यु 12 अक्टूबर 1967 को नई दिल्ली में हुई थी। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज के हित में समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि देश राज्य व समाज के विकास के लिए डॉ लोहिया के विचारों को अपनाना अति आवश्यक है।
मंच के कोषाध्यक्ष सीताराम जायसवाल ने कहा कि डॉ. लोहिया एक संघर्षील योद्धा और महान अर्थशास्त्री थे। वे अपनी विद्वता का लोहा लोकसभा सदन में मनवा चुके थे लोहिया 22 वर्ष की उम्र में ही डॉक्टर की उपाधि प्राप्त कर चुके थे तथा 57 वर्ष के उम्र में पूरी दुनिया देख चुके थे। वे 3 महीने में ही जर्मन भाषा सीख कर अपने प्रोफेसर को आश्चर्यचकित कर दिया था। उन्होंने कहा कि आज उनके बताएं मार्ग पर देश दुनिया अनुकरण कर रही है आज केंद्र सरकार की एक-एक योजनाएं डॉ लोहिया की सोच के अनुरूप है। उन्होंने लोगों से उनके विचारों को अपनाने की अपील किया।
चेतना मंच के सचिव सत्येंद्र ठाकुर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि पूर्व मंत्री रामचंद्र केसरी झारखंड राज्य के सच्चे समाजवादी नेता है। उनके द्वारा ही श्री बंशीधर नगर में डॉ. राम मनोहर लोहिया का आदमकद प्रतिमा का निर्माण कराकर स्थापित की गई है। पूरे झारखंड में इस प्रकार की प्रतिमा कहीं नहीं है। हम सभी को लोहिया जी के बताए रास्ते पर चलना चाहिए। पुण्यतिथि के मौके पर चेतना मंच के सचिव ने सदस्यता अभियान चलाकर उनके विचारों एवं आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मथुरा पासवान, बसंत जायसवाल, रवि प्रकाश बबलू, विश्वनाथ भंडारी, अजय गुप्ता, रमाशंकर जायसवाल, अश्विनी कुमार, हीरा प्रसाद, सुनील कुमार, रमेश प्रसाद, अरुण कुमार, सलीम अंसारी, जाहुल अंसारी, रामेश्वर चंद्रवंशी, नईम खलीफा, तुलसीदास, गोलू कुमार,रवि कुमार आदि मौजूद थे।




