बीकानेर: राजस्थान के बीकानेर जिले में रविवार देर रात एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना ने रेलवे सिस्टम और सेना महकमे में खलबली मचा दी। जम्मू तवी एक्सप्रेस (12413) के स्लीपर कोच में दो कोच अटेंडेंटों ने एक सेना के जवान पर चाकू से कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल जवान ने कुछ ही देर बाद दम तोड़ दिया। मामला रेलवे सुरक्षा और ट्रेन स्टाफ की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाता है।
क्या हुआ पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, गुजरात के साबरमती निवासी 28 वर्षीय सेना के जवान जिगर कुमार छुट्टी पर घर लौट रहे थे। वे पंजाब के फिरोजपुर से जम्मू तवी एक्सप्रेस में बीकानेर के लिए सवार हुए थे। रात करीब 11:30 बजे जब ट्रेन लूणकरणसर स्टेशन के पास थी, तभी कोच अटेंडेंटों के साथ सीट और सामान रखने को लेकर मामूली वाद-विवाद हुआ। देखतें ही देखते यह बहस हिंसक झड़प में बदल गई।
आरोप है कि कोच अटेंडेंटों राहुल कुमार (उ.प्र.) और विकास शर्मा (दिल्ली) ने जिगर पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। छाती, पेट और कंधे पर कई गहरे घाव आए। घायलावस्था में जवान फर्श पर गिर पड़ा और कोच में अफरातफरी मच गई। यात्रियों ने इमरजेंसी चेन खींचकर ट्रेन रोकी तथा जीआरपी को सूचना दी।
रास्ते में तोड़ा दम
जिगर को तुरंत 108 एम्बुलेंस से बीकानेर के पीबीएम अस्पताल ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने रात 12:45 बजे उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद बीकानेर स्टेशन पहुंचने पर कोच सील कर दिया गया। खून से सना फर्श और बिखरे सामान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिससे यात्रियों में भय का माहौल है।
GRP ने पकड़े दोनों आरोपी, जांच जारी
जीआरपी ने दोनों कोच अटेंडेंटों को हिरासत में ले लिया है और चाकू भी बरामद कर लिया गया है। जीआरपी थानाधिकारी आनंद गिला के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह विवाद छोटी बात से शुरू हुआ था लेकिन तेजी से हिंसक हो गया। यात्रियों के बयान अटेंडेंटों के दावों के विपरीत हैं। आरपीएफ और रेलवे भी मामले की जांच कर रहे हैं। कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ होने के चलते रेलवे ने दोनों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जवान के परिवार में मातम
जिगर कुमार एक साधारण गुजराती परिवार से थे। 2019 में सेना में भर्ती हुए थे और दो छोटे बच्चों के पिता थे। खबर मिलते ही परिजन बीकानेर पहुंचे और अस्पताल में रो-रोकर बेहाल हो गए। उनका शव अंतिम संस्कार के लिए गुजरात भेजा जा रहा है।
सैनिक संगठनों का विरोध, रेल मंत्री का बयान
घटना की खबर फैलते ही बीकानेर में पूर्व सैनिक संगठनों ने विरोध जताया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी बीकानेर पहुंचे और सुरक्षा एजेंसियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
इस घटना ने यात्रियों, विशेषकर सुरक्षा बलों के जवानों की यात्रा सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। रेलवे में कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ की स्क्रीनिंग, उनकी ट्रेनिंग और उनकी हिंसक घटनाओं में संलिप्तता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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