Ghatshila By-Election: घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। जहां झामुमो उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन ने रिकॉर्ड बनाते हुए 104936 वोटों के साथ शानदार जीत दर्ज की, भाजपा को 66335 और जेएलकेएम को 11563 वोट मिले। वहीं इस चुनाव का सबसे अप्रत्याशित नतीजा रहा नोटा (None of the Above) की मजबूत उपस्थिति।
कुल 13 उम्मीदवारों के बीच हुए मुकाबले में नोटा ने कुल 2,768 मत हासिल किए और 10 प्रत्याशियों को पीछे छोड़ते हुए तीसरे स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। यह वोट संख्या घाटशिला के मतदाताओं के भीतर छिपे असंतोष और विकल्पों की कमी को साफ उजागर करती है।
कई उम्मीदवार नोटा से भी पीछे
नोटा को मिले 2,768 वोटों ने कई प्रत्याशियों को मात दी। पंचानन सोरेन (भारत आदिवासी पार्टी) को मात्र 1,047 वोट मिले। पार्वती हांसदा (PPI-D) को 387 वोट मिले। जबकि 7 निर्दलीय उम्मीदवारों को 129 से 1,503 के बीच ही वोट हासिल हुए।
इस तरह नोटा ने न केवल कमजोर उम्मीदवारों को पछाड़ा, बल्कि यह भी दिखा दिया कि मतदाता केवल ‘कोई भी चलेगा’ के मूड में नहीं थे, बल्कि बेहतर विकल्प की मांग कर रहे थे।
राजनीतिक दलों के लिए स्पष्ट संदेश
घाटशिला के इस उपचुनाव ने यह साफ संदेश दिया है कि यदि राजनीतिक दल गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद उम्मीदवार नहीं उतारेंगे, तो मतदाता उन्हें सबक सिखाने में संकोच नहीं करेंगे। नोटा का बढ़ता ग्राफ बताता है कि जनता अब केवल प्रचार या पारंपरिक समीकरणों पर वोट नहीं दे रही, बल्कि उम्मीदवार की छवि और विश्वसनीयता को प्राथमिकता दे रही है।
घाटशिला उपचुनाव: 2768 को नहीं पसंद आया कोई प्रत्याशी, 13 में से 10 उम्मीदवारों को नोटा से भी कम वोट












