नई दिल्ली: रविवार को राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ आयोजित एक प्रदर्शन ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। इंडिया गेट के पास जुटे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तब तनाव बढ़ गया जब भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही पुलिस पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने मिर्ची स्प्रे का इस्तेमाल कर दिया। घटना में 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए जिन्हें तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस के लगातार निर्देशों के बावजूद नहीं मानी भीड़
डीसीपी देवेश कुमार महला के अनुसार, प्रदर्शनकारी सी-हेक्सागन क्षेत्र में इकट्ठा हो गए थे। पुलिस ने उन्हें कई बार वहां से हटकर निर्धारित स्थान पर जाने का निर्देश दिया, लेकिन उन्होंने आदेशों की अनदेखी कर दी। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर सड़क पर बैठ गए, जिसके कारण ट्रैफिक ठप हो गया। पुलिस के अनुसार, पीछे कई एंबुलेंस और मेडिकल टीमें फंसी थीं, जिन्हें तत्काल रास्ते की जरूरत थी, लेकिन जाम के चलते वे आगे नहीं बढ़ पा रहे थे।
स्थिति अचानक बिगड़ी, हल्की झड़प
अधिकारी ने बताया कि जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सुरक्षित तरीके से हटाने की कोशिश की, तभी अचानक स्थिति बिगड़ गई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पेपर स्प्रे कर दिया। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हल्की झड़प की स्थिति बन गई। पुलिस का कहना है कि कुछ लोग कुख्यात नक्सली हिडमा के समर्थन में नारे भी लगा रहे थे, जो कानून के खिलाफ है।
प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ा एक्शन
घटना के बाद पुलिस ने मौके से 15 लोगों को हिरासत में लिया है। डीसीपी ने बताया कि सभी से पूछताछ की जा रही है और उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा। उनका कहना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण हो तो पुलिस सहयोग करती है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर बाधा उत्पन्न करना, ट्रैफिक रोकना और हिंसा करना कानून के सख्त खिलाफ है।
पुलिस की अपील
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए कानूनी और शांतिपूर्ण तरीकों का पालन करें, ताकि शहर की सुरक्षा, जन-जीवन और ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित न हो।














