नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड केस में गांधी परिवार पर संकट लगातार गहराता जा रहा है। हाल ही में दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने दर्ज की, जिसमें दोनों नेताओं के साथ-साथ कई अन्य व्यक्तियों और तीन कंपनियों को भी आरोपित किया गया है। इस एफआईआर के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में है, और इसकी वजह से गांधी परिवार की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रही हैं।
दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई इस नई एफआईआर के अनुसार, कांग्रेस से जुड़ी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) कंपनी पर धोखाधड़ी और उसकी संपत्ति पर कब्जा करने के लिए आपराधिक साजिश रचने का आरोप है। इसमें प्रमुख नाम सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा, सैम पित्रोदा और अन्य व्यक्तियों का भी शामिल है। इसके अलावा, तीन कंपनियां भी इस एफआईआर में आरोपित हैं, जिनमें Dotex नामक एक कथित शेल कंपनी भी शामिल है, जिसने Young Indian कंपनी को ₹1 करोड़ की मदद दी थी।
आरोपों के मुताबिक, इस पूरी साजिश का मकसद AJL की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को हथियाना था। FIR के मुताबिक, Young Indian ने कांग्रेस को ₹50 लाख देकर AJL की संपत्ति पर नियंत्रण पा लिया। इस मामले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है, और इसके बाद से गांधी परिवार के लिए मुसीबतें और बढ़ सकती हैं।
इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने भी अपनी जांच पूरी की और दिल्ली पुलिस के साथ रिपोर्ट साझा की, जिसके बाद एफआईआर रजिस्टर की गई। इस जांच में पMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत आरोपी बनाए गए लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। इसके अलावा, ईडी ने 3 अक्टूबर को इस एफआईआर की सिफारिश की थी, जो अब पुलिस की जांच का हिस्सा बन चुकी है।
इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया भी जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस केस में ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। अब विशेष न्यायाधीश 16 दिसंबर को इस मामले में आदेश सुनाने वाले हैं, और यह तय करेंगे कि ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाए या नहीं।
ईडी की चार्जशीट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के नाम शामिल हैं। पिछली सुनवाई में, ईडी ने सभी आरोपियों से जवाब दाखिल करने को कहा था, लेकिन वकीलों ने रिकॉर्ड की समीक्षा के लिए अधिक समय की मांग की। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपियों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, और निष्पक्ष सुनवाई के लिए सभी पक्षों को मौका दिया जाएगा।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 16 दिसंबर को कोर्ट क्या आदेश देती है, और इस मामले में गांधी परिवार का क्या रुख होगा।
नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया और राहुल गांधी की बढ़ी मुश्किलें, दिल्ली पुलिस की EOW ने दर्ज की नई FIR














