झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा: उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दिनेश यादव की अध्यक्षता में नये समाहरणालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखीं।
जनसुनवाई के दौरान स्वास्थ्य, राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, नामांतरण, आवास, मुआवजा, अतिक्रमण, सरकारी योजनाओं का लाभ, आंगनबाड़ी सेविका चयन, पंचायत सहायक चयन एवं रोजगार सृजन से संबंधित कई शिकायतें सामने आईं। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को जांच कर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जनसुनवाई में उठे प्रमुख मामले
गढ़वा शहर के सहिजना निवासी संपूर्णानंद शुक्ला ने प्रीपेड बिजली मीटर लगने के बाद अत्यधिक बिजली बिल आने की शिकायत की। इस पर उपायुक्त ने बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।
रंका प्रखंड के ग्राम सेराशाम से आई चिंता देवी ने नामांतरण से संबंधित समस्या रखी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में जमीन खरीदने के बाद भी नामांतरण नहीं हुआ है, जबकि अपील में आदेश पारित हो चुका है। उपायुक्त ने संबंधित अंचल पदाधिकारी को न्यायालय के आदेश के आलोक में शीघ्र कार्रवाई का निर्देश दिया।
धुरकी प्रखंड के ग्राम कुम्बाकला से आए ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी सेविका चयन में विलंब और अनियमितता की शिकायत की। इस पर उपायुक्त ने धुरकी सीडीपीओ को पुनः बैठक आयोजित कर पारदर्शी ढंग से चयन प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्देश दिया।
नगर ऊंटरी प्रखंड के कोलझिकी पंचायत से आए स्वयंसेवकों ने पंचायत सहायक चयन में ग्राम सभा पंजी पर मुखिया द्वारा हस्ताक्षर नहीं किए जाने का मामला उठाया। उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
मेराल प्रखंड के ग्राम मकूना से आई आमना बीबी ने न्यायालय के आदेश के तहत क्षतिपूर्ति राशि भुगतान का आवेदन दिया। इस पर उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी को न्यायालय आदेश के अनुपालन हेतु आवश्यक वसूली कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
जनसुनवाई से मजबूत हो रहा प्रशासन और जनता का संवाद
इस मौके पर उपायुक्त दिनेश यादव ने कहा कि जनसुनवाई प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। इससे समस्याओं का त्वरित समाधान होता है और शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही व जनविश्वास बढ़ता है।
उन्होंने बताया कि जिले एवं सभी प्रखंडों में प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को नियमित रूप से जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि आमजन अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रख सकें और उनका समाधान सुनिश्चित हो सके।
गढ़वा: उपायुक्त ने जनसुनवाई में सुनी लोगों की समस्याएं, त्वरित निस्तारण के लिए दिए निर्देश














