वडोदरा: गुजरात के वडोदरा जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग बेटी ने अपने प्रेम संबंध का विरोध करने पर कथित तौर पर अपने ही पिता की हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस वारदात को अंजाम देने में किशोरी के प्रेमी और उसके एक साथी ने भी अहम भूमिका निभाई।
घटना वडोदरा के पडरा गांव की है, जहां 17 वर्षीय किशोरी ने अपने प्रेमी रंजीत के साथ मिलकर पिता शाना चवड़ा की हत्या की पूरी योजना बनाई। बताया जा रहा है कि पिता बेटी के प्रेम प्रसंग के सख्त खिलाफ थे, जिसके चलते घर में लगातार तनाव बना हुआ था।
बेहोशी की दवा से शुरू हुई साजिश
पुलिस के अनुसार, हत्या कोई अचानक हुआ अपराध नहीं बल्कि पूरी तरह से पूर्व नियोजित थी। किशोरी ने तीन दिनों तक अपने माता-पिता को बेहोश करने की कोशिश की। 16 दिसंबर को उसने पानी में नींद की गोलियां मिलाईं, लेकिन मां को स्वाद अजीब लगा और उन्होंने पानी पीने से इनकार कर दिया। अगले दिन भी प्रयास नाकाम रहा।
गुरुवार की रात तीसरी बार उसकी साजिश कामयाब हो गई। उसने खाने में बेहोशी की दवा मिला दी, जिससे दोनों माता-पिता गहरी नींद में चले गए। इसके बाद किशोरी ने अपने प्रेमी को फोन कर घर बुला लिया।
चाकू से गोदकर हत्या
रात के अंधेरे में प्रेमी रंजीत अपने एक साथी के साथ घर पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने शाना चवड़ा पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बताया गया है कि वारदात के समय किशोरी उसी कमरे की खिड़की से सब कुछ देख रही थी, जहां उसे अंदर से बंद कर दिया गया था।
भाई की सूचना पर खुला राज
शुक्रवार, 19 दिसंबर को मृतक के भाई ने जब पुलिस को सूचना दी, तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद किया और परिवार की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की।
शुरुआती जांच में ही पुलिस को मृतक की नाबालिग बेटी की भूमिका संदिग्ध लगी। पूछताछ और सबूतों के आधार पर पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक की बड़ी बेटी पहले ही परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी कर चुकी थी, जिससे पिता पहले से ही आहत थे। इसी वजह से वे छोटी बेटी के प्रेम संबंध को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं कर पा रहे थे।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने किशोरी, उसके प्रेमी और एक अन्य आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। नाबालिग होने के कारण किशोरी से जुड़े मामले को किशोर न्याय अधिनियम के तहत देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।














