झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा: सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने मंगलवार को मेराल प्रखंड अंतर्गत गेरुआ धान अधिप्राप्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान धान अधिप्राप्ति से जुड़ी कई गंभीर विसंगतियां सामने आईं, जिस पर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।
मौके पर किए गए भौतिक सत्यापन में 2000 क्विंटल से अधिक धान का स्टॉक पाया गया, जबकि अधिप्राप्ति केंद्र के रजिस्टर में मात्र लगभग 800 क्विंटल धान की ही प्रविष्टि दर्ज थी। भौतिक स्टॉक और अभिलेखीय विवरण के बीच इस बड़े अंतर को गंभीर मानते हुए एसडीएम ने पैक्स अध्यक्ष को तत्काल सभी विसंगतियों को दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
एसडीएम संजय कुमार ने अनुमंडल क्षेत्र के सभी पैक्स को चेतावनी देते हुए कहा कि धान अधिप्राप्ति व्यवस्था किसानों के हित में है, न कि व्यापारियों या जमाखोरों के लिए। वास्तविक किसानों से ही धान की खरीद होनी चाहिए और प्रत्येक किसान का पूर्ण विवरण संधारित किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जितनी धान की खरीद की जाए, उतना ही स्टॉक गोदाम में मौजूद होना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान अधिप्राप्ति केंद्र पर प्रतिनियुक्त जनसेवक भी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर एसडीएम ने नाराजगी व्यक्त की। मौके पर मौजूद किसानों से उन्होंने बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें उनके अधिकारों की जानकारी दी। हालांकि किसानों ने पैक्स अध्यक्ष के विरुद्ध किसी प्रकार की असंतोषजनक शिकायत नहीं की।
एसडीएम ने सभी पैक्स में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए जिला सहकारिता पदाधिकारी को भी सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि धान अधिप्राप्ति में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।











