नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट को एक और चमकता हुआ सितारा मिल गया है। बिहार के समस्तीपुर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी हर गुजरते दिन के साथ नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। महज 14 साल की उम्र में वैभव ने ऐसे-ऐसे रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं, जिन्हें आमतौर पर अनुभवी खिलाड़ी भी छूने का सपना देखते हैं।
भारत सरकार ने किया सम्मानित
क्रिकेट के मैदान पर शानदार प्रदर्शन और असाधारण उपलब्धियों के लिए वैभव सूर्यवंशी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने खुद अपने हाथों से यह पुरस्कार वैभव को प्रदान किया।
जैसे ही वैभव का नाम मंच से पुकारा गया, पूरे सभागार में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी, जिसने यह साफ कर दिया कि देश को इस युवा खिलाड़ी से कितनी बड़ी उम्मीदें हैं।
यह पुरस्कार वीरता, कला एवं संस्कृति, पर्यावरण, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा और खेल सहित विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए प्रतिवर्ष दिया जाता है। वैभव को खेल श्रेणी में यह पुरस्कार दिया गया है।
समस्तीपुर से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक
बिहार के समस्तीपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली है। आईपीएल में सबसे कम उम्र में खेलने वाले खिलाड़ी बनने से लेकर भारतीय बल्लेबाज के तौर पर सबसे तेज शतक जड़ने तक, वैभव के नाम कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज हैं। इन्हीं उपलब्धियों के चलते उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से नवाजा गया।
विजय हजारे ट्रॉफी में ऐतिहासिक पारी
वैभव सूर्यवंशी की सबसे चर्चित पारी विजय हजारे ट्रॉफी में देखने को मिली। अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए मुकाबले में, रांची के JSCA ओवल ग्राउंड पर वैभव ने क्रिकेट जगत को हैरान कर देने वाला प्रदर्शन किया। उन्होंने महज 36 गेंदों में शतक पूरा कर दिया और इसके साथ ही वे लिस्ट-A क्रिकेट में शतक लगाने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए।
190 रनों की विस्फोटक पारी
यहां कहानी सिर्फ शतक तक सीमित नहीं रही। वैभव ने 84 गेंदों में 190 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 16 चौके और 15 छक्के शामिल थे। इसी दौरान उन्होंने लिस्ट-A क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन पूरे करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, जो पहले एबी डिविलियर्स और जोस बटलर जैसे दिग्गजों के नाम दर्ज था।
2025 में रिकॉर्ड्स की झड़ी
साल 2025 वैभव सूर्यवंशी के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ।
14 साल 272 दिन की उम्र में मेंस लिस्ट-A क्रिकेट में सबसे तेज शतक (36 गेंद) लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने।
2 दिसंबर को ईडन गार्डन्स में महाराष्ट्र के खिलाफ 61 गेंदों में नाबाद 108 रन की पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 7 छक्के शामिल थे।
महज 14 साल की उम्र में 3 टी20 शतक लगाने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी बने।
भविष्य का सुपरस्टार
वैभव सूर्यवंशी की ये उपलब्धियां इसलिए भी खास हैं, क्योंकि ये सब रिकॉर्ड उन्होंने उस उम्र में बनाए हैं, जब ज्यादातर खिलाड़ी क्रिकेट की बुनियादी ट्रेनिंग ही ले रहे होते हैं। उनका आत्मविश्वास, आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े मैचों में प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भारतीय क्रिकेट को आने वाले वर्षों में एक बड़ा सुपरस्टार मिलने वाला है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के साथ वैभव की सफलता की कहानी अब सिर्फ बिहार या भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह दुनिया भर के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।














