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फ्लाइट में पावर बैंक चार्ज करने पर लगा बैन, DGCA ने जारी की गाइडलाइन

On: January 4, 2026 2:59 PM
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नई दिल्ली: हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ा कदम उठाया है। भारत में अब फ्लाइट के अंदर पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस चार्ज करने के लिए पावर बैंक के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही एयरलाइंस के इन-सीट पावर सप्लाई सिस्टम में पावर बैंक को प्लग कर चार्ज करना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।


नए नियमों के तहत यात्री पावर बैंक और लिथियम बैटरी से चलने वाले उपकरण केवल हैंड बैग में ही रख सकेंगे। इन्हें अब ओवरहेड लगेज डिब्बे में रखने की अनुमति नहीं होगी। यह फैसला हाल के दिनों में उड़ान के दौरान लिथियम बैटरी में आग लगने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए लिया गया है।


DGCA ने जारी किया एडवाइजरी सर्कुलर


DGCA ने यात्रियों और केबिन क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘डेंजरस गुड्स एडवाइजरी सर्कुलर’ जारी किया है। इसमें लिथियम बैटरी से चलने वाले डिवाइस से जुड़े संभावित खतरों को कम करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं।


रेगुलेटर ने सभी एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे फ्लाइट के दौरान अनाउंसमेंट के जरिए यात्रियों को नए नियमों की जानकारी दें। सर्कुलर के अनुसार, यदि किसी यात्री के डिवाइस से अधिक गर्मी, धुआं या किसी तरह की अजीब गंध महसूस हो, तो इसकी तुरंत सूचना केबिन क्रू को देना अनिवार्य होगा।


लिथियम बैटरी की हर घटना की सूचना DGCA को देनी होगी
DGCA ने एयरलाइंस को यह भी निर्देश दिया है कि लिथियम बैटरी से जुड़ी किसी भी सुरक्षा घटना या खतरे की जानकारी तुरंत नियामक को दी जाए। सर्कुलर में कहा गया है कि आजकल मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप, पावर बैंक और अन्य रिचार्जेबल डिवाइस में लिथियम बैटरी का व्यापक इस्तेमाल हो रहा है, जिससे हवाई जहाज में ऐसी बैटरियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।


ओवरहेड डिब्बों में छिपा रहता है खतरा


DGCA के अनुसार, पावर बैंक और पोर्टेबल चार्जर जैसे उपकरण आग लगने का बड़ा कारण बन सकते हैं। खासकर जब इन्हें ओवरहेड स्टोरेज डिब्बों या कैरी-ऑन बैगेज में रखा जाता है, तो वे यात्रियों और क्रू की नजर से दूर रहते हैं। ऐसी स्थिति में धुआं या आग का समय पर पता लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे आपात स्थिति में कार्रवाई में देरी हो सकती है और फ्लाइट की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।


सुरक्षा को प्राथमिकता


DGCA का कहना है कि ये सख्त कदम यात्रियों की जान और विमान की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उठाए गए हैं। नए नियमों के लागू होने के बाद एयरलाइंस और यात्रियों दोनों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी, ताकि उड़ान के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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