विशुनपुरा (गढ़वा): विशुनपुरा प्रखंड प्रमुख दीपा कुमारी ने बिशुनपुरा अंचलाधिकारी खगेश कुमार पर विकासात्मक कार्यों में सहयोग नहीं करने तथा पंचायत समिति द्वारा पारित प्रस्तावों के अनुपालन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
प्रखंड प्रमुख ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विशुनपुरा प्रखंड में लगभग 85 प्रतिशत किसान प्रत्यक्ष रूप से कृषि कार्यों से जुड़े हुए हैं। किसानों की मांग और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पंचायत समिति की बैठक में सब्जी बाजार लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके तहत पुराना पंचायत भवन के पास स्थित 1 एकड़ 48 डिसमिल सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश अंचल विभाग को दिया गया था।
इस क्रम में अंचल विभाग द्वारा जमीन की नापी कराई गई और अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया गया। साथ ही लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर 24 घंटे के अंदर जमीन खाली करने का निर्देश दिया गया। यह भी घोषणा की गई थी कि यदि निर्धारित समय के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो 20 दिसंबर को बुलडोजर चलाकर जमीन को खाली कराया जाएगा।
हालांकि निर्धारित तिथि बीतने के बावजूद करीब 15 दिन बाद भी अंचल प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है और बुलडोजर अब तक खामोश है।
इस मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रखंड प्रमुख दीपा कुमारी ने गढ़वा उपायुक्त और उप विकास आयुक्त को पत्र लिखकर अवगत कराया है। उन्होंने 5 जनवरी तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी करने का समय दिया है।
प्रखंड प्रमुख ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर जमीन को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, पीएम किसान योजना के योग्य लाभुकों के लंबित आवेदनों को स्वीकृति नहीं दी गई और जनकल्याणकारी योजनाओं में तेजी नहीं लाई गई, तो सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में किसान और सब्जी विक्रेता आंदोलन करने को बाध्य होंगे।














