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चिप्स पैकेट फटने से 8 साल के बच्चे की आंख फूटी, परिवार ने कंपनी के खिलाफ दर्ज कराई FIR

On: January 13, 2026 9:01 PM
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बलांगीर: ओडिशा के बलांगीर जिले के टिटलागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत शगड़घाट गांव में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां चिप्स का पैकेट फटने से एक 8 वर्षीय मासूम बच्चे की एक आंख पूरी तरह नष्ट हो गई। इस भयावह हादसे ने न सिर्फ परिवार को तोड़कर रख दिया, बल्कि पूरे गांव में डर और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, शगड़घाट गांव निवासी लब हरपाल का 8 वर्षीय बेटा रोज की तरह ट्यूशन से लौटकर घर आया था। लौटते समय उसने गांव की एक दुकान से चिप्स का पैकेट खरीदा। शाम के समय वह चिप्स खाने की तैयारी कर रहा था, जबकि उसकी मां भानुमती हरपाल रसोई में खाना बना रही थीं।


इसी दौरान मां ने गैस चूल्हा जलाया और पानी लाने के लिए कुछ देर के लिए बाहर चली गईं। तभी बच्चा चिप्स का पैकेट लेकर रसोई में पहुंच गया। अचानक पैकेट उसके हाथ से छूट गया और गैस की जलती आग के संपर्क में आते ही वह जोरदार धमाके के साथ फट गया। धमाके की आवाज पूरे घर में गूंज उठी।


चिप्स का पैकेट सीधे बच्चे के चेहरे पर फटा, जिससे उसकी आंख पर बेहद गंभीर चोट लगी। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बच्चे की आंख की पुतली बाहर आ गई और आंख पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बच्चे की दर्दनाक चीख सुनकर जब मां दौड़कर रसोई में पहुंचीं, तो उन्होंने देखा कि उनके बेटे का चेहरा खून से सना हुआ है और एक आंख बुरी तरह नष्ट हो चुकी है।


घटना के बाद परिजन आनन-फानन में बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि आंख में गहरी और अपूरणीय क्षति हुई है, जिससे अब वह आंख दोबारा कभी देख नहीं पाएगी। डॉक्टरों की यह बात सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।


बच्चे की मां भानुमती हरपाल का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि उन्होंने बेटे को बिस्किट लाने के लिए पैसे दिए थे, लेकिन वह चिप्स का पैकेट खरीद लाया। मां ने कहा कि अगर उनका बेटा जन्म से दृष्टिहीन होता तो शायद इतना दर्द नहीं होता, लेकिन इतने वर्षों तक देख सकने के बाद अचानक आंख की रोशनी चले जाना उनके लिए असहनीय है।


उन्होंने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बच्चों के लिए बनाए जाने वाले चिप्स जैसे उत्पाद अगर आग के संपर्क में आते ही बम की तरह फट सकते हैं, तो उनकी बिक्री पर सख्त निगरानी क्यों नहीं है। आखिर ऐसे पैकेटों में ऐसा क्या भरा होता है जो इतना खतरनाक साबित हो रहा है।


घटना से आक्रोशित बच्चे के माता-पिता ने चिप्स बनाने वाली कंपनी के खिलाफ टिटलागढ़ थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। परिवार ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।


इस घटना ने एक बार फिर बच्चों के लिए बिकने वाले पैकेज्ड फूड की सुरक्षा और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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