दरांग: असम के दरांग जिले में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर की गई तोड़फोड़ की एक गंभीर घटना सामने आई है। मंगालदोई के आसपास के इलाकों में बुधवार (21 जनवरी 2026) देर रात कम से कम 16 हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की गई, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। घटना के सिलसिले में पुलिस ने अब तक पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मंगालदोई के समीप मोआमारी, गेरिमारी और गोसाईगांव इलाकों में स्थित मंदिरों को एक के बाद एक निशाना बनाया गया। इस्लामी कट्टरपंथियों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए मंदिर परिसरों में प्रवेश किया और वहां स्थापित मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किया। कई मंदिरों में मूर्तियों के सिर टूटे हुए पाए गए। इनमें से अधिकांश मंदिर मां काली को समर्पित बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जिन मंदिरों को नुकसान पहुंचाया गया, वे ग्रामीण और अपेक्षाकृत दूर-दराज़ के इलाकों में स्थित हैं। अधिकतर मंदिरों में स्थापित मूर्तियां मिट्टी से बनी हुई थीं, जिससे उन्हें नुकसान पहुंचाना आसान हो गया। इसके साथ ही मंदिरों में रखी पूजा सामग्री और अन्य धार्मिक वस्तुओं को भी क्षति पहुंची है।
घटना का खुलासा गुरुवार सुबह उस समय हुआ, जब पुजारी और श्रद्धालु नियमित पूजा के लिए मंदिर पहुंचे। मंदिरों की हालत देखकर लोगों में आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। प्रशासन ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरी घटना पूर्व-नियोजित साजिश का हिस्सा हो सकती है। उनका दावा है कि जिन स्थानों पर मंदिर स्थित हैं, वहां की जानकारी बाहरी लोगों को आसानी से नहीं हो सकती। कुछ ग्रामीणों ने इस घटना को हाल के अतिक्रमण हटाओ अभियानों से जोड़ते हुए साजिश की आशंका भी जताई है, हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अभी किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जाँच शुरू की और रविवार को पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान महीर अली, शमसुल अली, मोक्सेद अली, जाहिनुर अली और नूरजमाल अली के रूप में हुई है। सभी आरोपितों को अदालत में पेश किया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जाँच में यह मामला सुनियोजित प्रतीत होता है। अधिकारियों के अनुसार, इतने कम समय में अलग-अलग स्थानों पर स्थित 16 मंदिरों को निशाना बनाया जाना किसी बड़े नेटवर्क या अधिक लोगों की संलिप्तता की ओर इशारा करता है। पुलिस को आशंका है कि इस घटना में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपितों के कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और संभावित संपर्कों की गहन जाँच की जाए, ताकि पूरे षड्यंत्र का खुलासा हो सके। फिलहाल क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।












