झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा: समाहरणालय सभागार में मंगलवार (27 जनवरी) को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दिनेश यादव की अध्यक्षता में कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अल्पसंख्यक समुदाय के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन की समीक्षा करना था।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना, साइकिल योजना, बिरसा आवास योजना, धुमकुड़िया भवन निर्माण, वन अधिकार अधिनियम-2006, प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK), सरना स्थल एवं कब्रिस्तान घेराबंदी, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, छात्रावासों का जीर्णोद्धार, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना, एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, PM-JANMAN योजना तथा संविधान की धारा 275(1) के तहत संचालित योजनाओं की बारी-बारी से विस्तृत समीक्षा की।
उपायुक्त श्री यादव ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित योजनाओं की स्पष्ट पहचान कर उनके निष्पादन में तेजी लाई जाए तथा निर्माणाधीन योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पूर्ण हो चुकी योजनाओं का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंच रहा है। छात्रवृत्ति योजनाओं के संदर्भ में उपायुक्त ने भुगतान प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने एवं समय पर राशि अंतरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, नियमित समीक्षा एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा प्रगति प्रतिवेदन समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान से जुड़ी हैं, इसलिए इनका सफल क्रियान्वयन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश, भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, जिला शिक्षा अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं कार्यान्वयन कर्मी उपस्थित थे।
विकास योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, योजनाओं की मॉनिटरिंग करें अधिकारी : डीसी














