झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा: जिला परिषद अध्यक्ष शांति देवी और मेराल प्रखंड प्रमुख दीप माला ने गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी पर महिलाओं के प्रति अमर्यादित और अपमानजनक टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगाया है। दोनों महिला जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विधायक की सोच महिलाओं के प्रति बेहद घटिया है और वे लगातार नारी गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं।
गुरुवार को शहर के होटल पद्मावती में संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि इससे पहले महिलाओं ने विधायक के पोस्टर पर कालिख पोती थी, लेकिन यदि अब भी वे अपनी भाषा और व्यवहार से बाज नहीं आए तो महिलाएं उनके मुंह पर कालिख पोतने को मजबूर होंगी।
शांति देवी ने कहा कि विधायक की नजर में राजनीति में सक्रिय महिलाएं व्यभिचारी हैं, जबकि चुनाव के समय उनकी पत्नी और बेटी भी प्रचार में शामिल रहती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विधायक अपनी पत्नी और बेटी के लिए भी ऐसे ही शब्दों का इस्तेमाल करेंगे? क्या भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं के प्रति भी उनकी यही सोच है?
उन्होंने भाजपा के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या ऐसे घटिया सोच रखने वाले लोगों की जरूरत भाजपा को है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं पर अमर्यादित टिप्पणी करने वाले विधायक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के बजाय भाजपा ऐसे लोगों को संरक्षण दे रही है।
नेत्री द्वय ने कहा कि पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के पास गढ़वा की जागरूक और सक्रिय महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर जाती हैं, जबकि विधायक महिलाओं को संदेह और अपमान की नजर से देखते हैं। उन्होंने विधायक से सवाल किया कि क्या गढ़वा की सभी महिलाएं उनकी नजर में व्यभिचारी हैं? विधायक यह स्पष्ट करें कि व्यभिचारी शब्द का मतलब क्या होता है।
प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि क्या विधायक महिलाओं को केवल चूल्हा-चौकी और बच्चा पैदा करने तक सीमित मानते हैं? उनसे मिलने वाली महिला मुखिया, वार्ड पार्षद और पंचायत समिति सदस्य क्या उनकी नजर में भी व्यभिचारी हैं?
महिला जनप्रतिनिधियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और शीर्ष नेतृत्व से यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या पार्टी विधायक के महिलाओं के प्रति दिए गए बयान से सहमत है। उन्होंने कहा कि यदि विधायक में थोड़ी भी नैतिकता बची है तो उन्हें अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने गढ़वा की जनता से अपील की कि ऐसे घटिया सोच वाले जनप्रतिनिधि के खिलाफ सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर आवाज उठाएं, ताकि आने वाली पीढ़ी गलत उदाहरणों का अनुसरण न करे।
इस मौके पर महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रेखा चौबे, अंजलि गुप्ता, आराधना सिंह, रेखा पाठक, अर्चना प्रकाश, मीणा देवी, वंदना जायसवाल सहित कई महिलाएं मौजूद थीं।
महिलाओं के प्रति घटिया सोच रखते हैं गढ़वा विधायक : शांति देवी














