अमृतसर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित पंजाब दौरे से ठीक पहले राज्य की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी व वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट कर न सिर्फ पार्टी छोड़ने की जानकारी दी, बल्कि कांग्रेस नेतृत्व और पंजाब इकाई पर गंभीर आरोप भी लगाए।
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपने पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस में अब किसी भरोसेमंद और ईमानदार नेता की बात नहीं सुनी जाती। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक ढांचा पूरी तरह कमजोर हो चुका है और निर्णय कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित रह गए हैं।
राजा वडिंग पर तीखा हमला
कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को निशाने पर लेते हुए नवजोत कौर सिद्धू ने उन्हें अब तक का सबसे नाकाबिल और भ्रष्ट अध्यक्ष बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजा वडिंग ने जानबूझकर उनकी विधानसभा सीट पर ऐसे लोगों को बैठाया, ताकि उन्हें चुनाव में हराया जा सके।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिन वरिष्ठ नेताओं ने खुलेआम पार्टी लाइन से हटकर बयान दिए या अध्यक्ष को चुनौती दी, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। डॉ. सिद्धू ने अपने पोस्ट में आशु, चन्नी, भट्टल, डॉ. गांधी समेत कई नेताओं का नाम लेते हुए पूछा कि इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कदम क्यों नहीं उठाए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि राजा वडिंग के खिलाफ उनके पास कई सबूत हैं, लेकिन अब वह इन मामलों में पड़ना नहीं चाहतीं क्योंकि उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला कर लिया है।
सस्पेंशन का भी किया जिक्र
गौरतलब है कि 8 दिसंबर 2025 को अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से सस्पेंड कर दिया था। इसे लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि यह कार्रवाई व्यक्तिगत द्वेष और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित थी।
पीएम मोदी की तारीफ, मान सरकार पर निशाना
कांग्रेस छोड़ने के बाद किए गए एक अन्य पोस्ट में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी कटाक्ष किया, हालांकि उन्होंने अपने आरोपों को राजनीतिक सीमाओं में रखते हुए जनता से जुड़े मुद्दों पर जोर दिया।
किसी पार्टी में जाने से इनकार
राजनीतिक अटकलों पर विराम लगाते हुए डॉ. सिद्धू ने स्पष्ट किया कि उन्होंने न तो बीजेपी, न आम आदमी पार्टी और न ही किसी अन्य राजनीतिक दल के किसी नेता से मुलाकात की है। उन्होंने कहा कि न तो किसी पार्टी ने उनसे संपर्क किया है और न ही वह फिलहाल किसी पार्टी में शामिल होने की इच्छुक हैं।
एनजीओ के जरिए सेवा का रास्ता
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने यह भी साफ किया कि उनका मकसद राजनीति नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि वह यह काम किसी राजनीतिक मंच के बजाय एक एनजीओ के जरिए करना चाहती हैं, ताकि बिना किसी दबाव के सामाजिक सेवा कर सकें।
सियासी हलचल तेज
नवजोत कौर सिद्धू के इस फैसले को पंजाब कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब प्रधानमंत्री मोदी का राज्य दौरा प्रस्तावित है। उनके पार्टी छोड़ने से न सिर्फ कांग्रेस के अंदरूनी कलह एक बार फिर सामने आई है, बल्कि आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत भी मिलने लगे हैं।














