40 दिनों के फितर दूसरी बड़ी घटना, पुलिस की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
झारखंड वार्ता संवाददाता
विशुनपुरा (गढ़वा)। विशुनपुरा थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे खुलेआम दिनदहाड़े लूट की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। मंगलवार की शाम लाल चौक जैसे व्यस्त और संवेदनशील बाजार क्षेत्र में ज्वेलरी से भरा बैग लूटे जाने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। करीब 9 लाख रुपये मूल्य की सोना-चांदी और नकदी की इस लूट ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित स्वर्ण व्यवसायी अमित गुप्ता मंगलवार को देहात क्षेत्र से कारोबार निपटाकर लौटे थे। शाम के समय वे लाल चौक पर मनीष पासवान की दुकान के पास अपनी मोटरसाइकिल खड़ी कर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो अज्ञात अपराधियों ने मौके पर पहुंचे और पलक झपकते ही मोटरसाइकिल पर रखा सोना-चांदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, अपराधी तेज रफ्तार में आंखों से ओझल हो चुके थे।
पीड़ित के अनुसार लूटे गए बैग में लगभग 9 लाख रुपये मूल्य का सोना-चांदी तथा करीब 6 हजार रुपये नकद मौजूद थे। अमित गुप्ता ने साहस दिखाते हुए कुछ दूरी तक अपराधियों का पीछा भी किया, लेकिन अपराधी बाइक से तेज गति में भागने में सफल रहे।
पीड़ित ने बताया कि यह उनके साथ पहली घटना नहीं है। करीब एक वर्ष पूर्व उनकी मोटरसाइकिल भी चोरी हो चुकी है, जिसकी प्राथमिकी विशुनपुरा थाना में दर्ज कराई गई थी, लेकिन आज तक न तो चोरी का खुलासा हो सका और न ही वाहन बरामद किया गया। इससे पुलिस की सुस्त और उदासीन कार्यप्रणाली साफ झलकती है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल?
इस लूट की घटना ने इसलिए भी लोगों को झकझोर दिया है क्योंकि महज एक माह के भीतर यह सोना-चांदी से जुड़ी दूसरी बड़ी वारदात है। इससे पूर्व 24 दिसंबर को विशुनपुरा के अपर बाजार स्थित शुभलक्ष्मी वस्त्रालय सह मुना ज्वेलर्स में लगभग 40 लाख रुपये की बड़ी चोरी हुई थी, जिसका भी अब तक पुलिस खुलासा नहीं कर पाई है। लगातार असफलताओं के बावजूद पुलिस की गश्ती और निगरानी व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं दिख रहा है।
दिनदहाड़े व्यस्त बाजार में हुई इस वारदात से व्यापारियों और आम लोगों में भय का माहौल है। व्यापारी वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित गश्ती, संदिग्धों की निगरानी और पूर्व की घटनाओं में सख्त कार्रवाई होती, तो अपराधियों के हौसले इतने बुलंद नहीं होते।
दुकानदारों का आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता और लापरवाही के कारण ही अपराधियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। बाजार क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी न के बराबर रहती है, जिसका फायदा अपराधी बेखौफ होकर उठा रहे हैं। अब घटना के बाद पूरे विशुनपुरा की निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि इस सनसनीखेज लूटकांड के बाद क्या पुलिस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर पाती है या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।
विशुनपुरा में दिनदहाड़े ज्वेलरी बैग लूट, 9 लाख की वारदात से मचा हड़कंप












