गढ़वा: जिले के भंडरिया थाना क्षेत्र से सामने आए निर्मम हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। शनिवार को बीरेंद्र कोरवा (35 वर्षीय) का शव अजगरवापत्थर जंगल में झाड़ियों में मिला था। जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत और सनसनी का माहौल था। घटना की गंभीरता को देखते हुए गढ़वा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया और लगातार छापेमारी कर मामले की परतें खोलनी शुरू कीं।
पुलिस ने इस हत्या में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे कारण बेहद चौंकाने वाला और सामाजिक अंधविश्वास से जुड़ा हुआ है।
ओझा-गुणी और अवैध संबंध
एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक की पत्नी कुछ समय पहले अपने पति को छोड़कर मायके चली गई थी। इस घटना के बाद आरोपी को मृतक बीरेंद्र कोरवा पर संदेह होने लगा। आरोपी का मानना था कि बीरेंद्र ने ओझा-गुणी के माध्यम से उसकी पत्नी को प्रभावित किया है या उसके साथ उसके अवैध संबंध हैं। इसी गहरे शक और प्रतिशोध की भावना ने मिलकर इस जघन्य हत्या को जन्म दिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पूर्व नियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया और हत्या के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया, ताकि अपराध छुपाया जा सके। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
चार आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने सुरेश भुइयां, अजय भुइयां, राजनाथ भुइयां और सीताराम भुइयां को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी भंडरिया थाना क्षेत्र के रोदो गांव के ही निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल को भी बरामद कर साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।














