गढ़वा: जिले में सुशासन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश यादव के निर्देश पर राजस्व उप निरीक्षक,अंचल कार्यालय भंडरिया, शिवपत राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
उक्त कार्रवाई 3 फरवरी 2026 को आयोजित जनता दरबार में प्राप्त एक लिखित शिकायत एवं कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मौजा-जनेवा, खाता संख्या-111, प्लॉट संख्या-863, रकबा-4.28 एकड़ भूमि से संबंधित जांच प्रतिवेदन प्रेषित करने के एवज में ₹10,000 (दस हजार रुपये) की अवैध मांग की गई थी।
प्राप्त शिकायत के आलोक में अपर समाहर्ता राज महेश्वरम के द्वारा मामले की जांच कराई गई। जांच प्रतिवेदन में आरोपों की पुष्टि हुई तथा संबंधित पदाधिकारी द्वारा स्पष्टीकरण में भी राशि मांगने की बात स्वीकार की गई। यह आचरण सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रतिकूल पाया गया।
तदनुसार, झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के नियम 9(1) के तहत शिवपत राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अंचल कार्यालय, खरौंधी निर्धारित किया गया है, जहाँ वे नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
साथ ही, अंचल अधिकारी, भंडरिया को निर्देशित किया गया है कि आरोप पत्र का गठन कर विभागीय कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करना सुनिश्चित करें।
उपायुक्त दिनेश यादव ने स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन भ्रष्टाचार के मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति पर कार्य कर रहा है। आम जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध मांग या अनियमितता की सूचना निर्भीक होकर प्रशासन को दें।














