रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र 2026 के मद्देनजर राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस मुख्यालय ने आशंका जताई है कि सत्र में भाग लेने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों से रांची आने-जाने के दौरान मंत्रियों और विधायकों को अपराधी गिरोह या माओवादी निशाना बना सकते हैं। इसे देखते हुए 11 फरवरी को सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को विशेष तौर पर अलर्ट किया है और सतर्कता बरतने का निर्देश जारी किया गया है।
पुलिस मुख्यालय की ओर से आईजी अभियान ने निर्देश दिया है कि जनप्रतिनिधियों के आवागमन के संभावित मार्गों, पहले से चिन्हित संवेदनशील इलाकों और सड़क व रेल मार्गों पर पर्याप्त संख्या में गश्ती दल तैनात किए जाएं। साथ ही रूट डोमिनेशन, एरिया सर्च और चेकिंग अभियान तेज करने को कहा गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।
इन मार्गों को माना गया संवेदनशील
रांची से विभिन्न जिलों को जोड़ने वाले कई घाटी और जंगल क्षेत्र वाले मार्गों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से रांची–बुंडू–तमाड़ मार्ग का तैमारा घाटी इलाका, रांची–हजारीबाग–कोडरमा सड़क पर चुटुपालू, चरही, नेशनल पार्क और तिलैया घाटी, रांची–सिमडेगा–गुमला मार्ग का कोलेबिरा जंगल क्षेत्र, खूंटी–चाईबासा सड़क का बंदगांव घाटी, रांची–लातेहार–पलामू मार्ग पर आमझरिया, टुडामू और मनिका घाटी, डालटेनगंज–छत्तरपुर–हरिहरगंज सड़क, इसके अलावा नेतरहाट पथ पर बेतला क्षेत्र, महुआडांड-गारू घाटी, रामगढ़-गोला-बोकारो नया मोड़, चतरा-पेलावल-कटकमसांडी-हजारीबाग, चौपारण-बरही-बरकट्ठा-बगोदर, बगोदर-सरिया-जगुआ, चान्हो-खेलारी-सिमरिया, चतरा-बालूमाथ-चंदवा, बेड़ो-चान्हो, हजारीबाग-सिमरिया, बड़कागांव-खेलारी, सरायकेला-खरसावां-कुचाई-दलभंगा, सिनी-खरसावां और कांड्रा-चौका मोड़ मार्ग पर भी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा गया है।
क्या-क्या दिए गए निर्देश
• संवेदनशील घाटियों और जंगल क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग
• रूट ओपनिंग पार्टी (ROP) की तैनाती
• संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्थानीय पुलिस व खुफिया तंत्र को सक्रिय करना
• जनप्रतिनिधियों के काफिले की मूवमेंट से पहले रोड सैनिटाइजेशन
• रात के समय विशेष गश्त
पुलिस मुख्यालय ने साफ किया है कि बजट सत्र के दौरान किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर भी जोखिम का आकलन कर अतिरिक्त बल की मांग करें और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बलों की मदद लें।
राजधानी रांची में भी विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चेकिंग अभियान, बैरिकेडिंग और सीसीटीवी निगरानी को सख्त किया गया है ताकि सत्र शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।











