रांची: झारखंड में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठनात्मक अनुशासन पर सख्त रुख अपनाया है। पार्टी समर्थित प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने वाले नेताओं पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में 18 नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह नोटिस प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सदस्य प्रदीप वर्मा ने प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर जारी किया है। पार्टी ने इसे संगठन की आधिकारिक लाइन के खिलाफ जाकर बगावती कदम बताया है।
इन नेताओं को मिला नोटिस
धनबाद से संजीव सिंह, भृगुनाथ भगत, पूर्व महानगर अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, डाल्टेनगंज के पूर्व जिलाध्यक्ष परशुराम ओझा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य व गढ़वा के पूर्व जिलाध्यक्ष अलखनाथ पांडेय, मंगल सिंह, चास से मेयर चुनाव लड़ रही परिंदा सिंह, जमशेदपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव, देवघर के बाबा बलियासे, जामताड़ा के तरुण गुप्ता, सिमडेगा की फुलसुंदरी देवी, अनूप सुल्तानिया, ललिता पासवान, गिरिडीह के कामेश्वर पासवान।
झारखंड में नगर निकाय चुनाव भले ही दलीय आधार पर नहीं हो रहे हों, लेकिन जमीनी स्तर पर राजनीतिक दलों की सक्रियता चरम पर है। कई जगहों पर पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ पार्टी से जुड़े नेता ही चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे संगठनात्मक असंतोष खुलकर सामने आ गया है।
भाजपा नेतृत्व इसे अनुशासनहीनता मानते हुए सख्ती के मूड में है। पार्टी की ओर से सभी नेताओं को निर्धारित समय के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। संगठन का कहना है कि जवाब संतोषजनक नहीं होने पर निलंबन, निष्कासन या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।











